बुलंदशहर के औरंगाबाद थाना क्षेत्र की लखावटी पुलिस चौकी पर तैनात रहे आगरा के गांव सिंगेचा निवासी सिपाही सुधीर सिंह का शव बृहस्पतिवार देर रात गांव लाया गया। इससे परिवार की महिलाओं में चीख पुकार मच गई। मां-पिता का हाल-बेहाल हो गया। आसपास के गांवों के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। पिता का कहना था कि वर्दी में बेटे को ड्यूटी पर भेजा था। लाैटकर कफन में आया। जो भी बेटे की माैत के लिए जिम्मेदार है, उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्हें न्याय मिलना चाहिए। परिजन ने देर रात ऐलान कर दिया कि आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। विधायक छोटेलाल वर्मा और पूर्व विधायक डाॅ. राजेंद्र सिंह पहुंच गए।


सुधीर की मौत की जानकारी के बाद से ही गांव सिंगेचा में परिजन और अन्य लोगों का जुटना शुरू हो गया था। गांव में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। किसी के घर में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने बताया कि सुधीर काफी मिलनसार थे। वह सभी का सहयोग करते थे। वह छुट्टी लेकर जब भी गांव आते थे, सबसे मिलकर जाते थे। हालचाल पूछते थे। रिश्ते के भाई रणवीर सिंह ने बताया कि सुधीर के पिता जगवीर सिंह ऑटो चलाते हैं। इससे ही घर का खर्च चलता है। परिवार के पास कुछ जमीन है। बड़ा भाई कृष्णा और छोटा भाई पवन है। मां गुड्डी देवी आशा बीमार रहती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। सुधीर ही परिवार का अकेला था, जिसकी सरकारी नौकरी लगी थी। वह परिवार का एकमात्र सहारा था। उससे सभी को काफी उम्मीद थी। सुधीर छोटे भाई से भी पुलिस में भर्ती होने के लिए कह रहा था। इसके लिए उसे तैयारी करा रहा था।

 



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