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सीएम योगी ने त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की।
– फोटो : amar ujala
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आगामी पर्व-त्योहार उल्लास, उमंग, आस्था और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। इन अवसरों पर प्रदेश में सुरक्षा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी अप्रिय घटना पर्वों के उल्लास में खलल न डाल सके। मंगलवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उत्सव के उल्लास को उपद्रव में बदलने की किसी भी साजिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अराजक व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाए। दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के दृष्टिगत शासन से लेकर तहसील और थाना स्तर तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। साथ ही, सोशल मीडिया पर 24 घंटे पैनी नजर रखते हुए अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने अथवा शरारतपूर्ण बयानबाजी से माहौल बिगाड़ने वालों पर त्वरित व प्रभावी विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या में 07 नवंबर को आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि अंतरजनपदीय और स्थानीय स्तर पर सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित हो तथा रूट डायवर्जन प्लान पहले से तैयार कर जनसामान्य के बीच व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए।
प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर चौबीसों घंटे पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। धनतेरस और दीपावली के दृष्टिगत मुख्य बाजारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास 24×7 पुलिस निगरानी, सघन पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा लें और पीआरवी-112 निरंतर सक्रिय रहे। प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रमों में नियमानुसार समयबद्ध अनुमति दी जाए। ऐसे आयोजनों की आड़ में दुर्भावनापूर्ण ढंग से विवाद खड़ा करने अथवा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की चेष्टा करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाए जाएं।

