उरई। रबी सीजन में किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासन ने हड़ताल पर अड़े सहकारी समितियों के कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। एस्मा लागू होने और कई बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद काम पर नहीं लौटने वाले चार सहकारी समितियों के सचिवों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता शिव कुमार ने बताया कि रबी सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बावजूद सहकारी समितियों के कुछ कर्मचारी और सचिव हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों को कई बार नोटिस जारी कर काम पर लौटने के निर्देश दिए गए। साथ ही उनसे हड़ताल समाप्त कर किसानों के हित में काम शुरू करने की अपील भी की गई, लेकिन इसके बाद भी संबंधित कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
उन्होंने बताया कि लगातार अनुपस्थित रहने वाले 37 कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम 1965 की धारा 38 के तहत नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर चार समितियों के सचिवों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। इनमें सिकरी राजा समिति के सचिव राजकुमार, कैथेरी समिति के सचिव चंद्र प्रकाश द्विवेदी, जैसारीकला समिति के सचिव रविंद्र कुमार यादव और जखा समिति के सचिव राजकिशोर शामिल हैं। चारों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
वैकल्पिक केंद्रों से कराया जा रहा खाद का वितरण
सहायक आयुक्त ने किसानों से अपील की है कि उन्हें खाद को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रशासन की ओर से पीसीएफ के गोदामों, क्रय-विक्रय समितियों और अन्य सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरक का वितरण कराया जा रहा है। उनका दावा है कि जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों तक खाद पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं।
खाद की समस्या के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
खाद वितरण से संबंधित समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। किसान खाद की उपलब्धता, वितरण में गड़बड़ी या अन्य किसी समस्या की शिकायत नियंत्रण कक्ष के नंबर 05162-225483 पर दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेकर किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

