अनियमित दिनचर्या, फास्टफूड का अधिक सेवन, मोबाइल के घंटों उपयोग और देर रात जागने के कारण बालिकाओं में पुरुष हार्माेंस (टेस्टोस्टेरोन) का स्तर बढ़ रहा है। इससे आवाज भारी, चेहरे पर बाल और शारीरिक बनावट पुरुषों जैसी हो रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के अध्ययन में तीन फीसदी बालिकाएं इससे प्रभावित मिली हैं। इससे बांझपन का खतरा भी बढ़ जाता है।
