अतरौली थाना क्षेत्र के मोहनखेड़ा में छज्जे पर डिजाइन बनाते समय लोहे का फर्मा बिजली की लाइन से छू जाने के कारण करंट लगने से राजमिस्त्री की मौत शनिवार दोपहर बाद हो गई। घटना की जानकारी पर परिजनों ने तीन लोगों पर गुमराह कर काम के लिए बुलाने का आरोप लगाया है।

दावा है कि बिजली की आपूर्ति बंद कराने के बाद काम शुरू कराने की बात कही गई थी, लेकिन आपूर्ति बंद नहीं थी। परिजनों ने शव रखकर मोहनखेड़ा मार्ग पर दो घंटे तक जाम भी लगाए रखा। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। कीर्तिहाखेड़ा निवासी बाल गोविंद (50) राजमिस्त्री थे। पत्नी फूलमती ने बताया कि एक किलोमीटर दूर मोहनखेड़ा गांव है। यहां के रहने वाले प्रेमचंद्र का मकान बन रहा है। इसी मकान के छज्जे में डिजाइन बनवाने के लिए प्रेमचंद्र उनके पति बालगोविंद को ले गए थे। छज्जे से बमुश्किल डेढ़ हाथ की दूरी से बिजली की लाइन निकली है।

दावा है कि बाल गोविंद ने बिजली की लाइन बंद कराने के बाद काम कर पाने की बात कही। इस पर प्रेमचंद्र और उनके भाइयों मनोज और अशोक ने आपूर्ति बंद होने की जानकारी देकर काम शुरू करा दिया। इसी दौरान बालगोविंद लोहे का फर्मा छज्जे में लगा रहे थे। फर्मा बिजली के तार से छू गया और इसके कारण बाल गोविंद को करंट लग गया। करंट लगने से वह नीचे आ गिरे। गंभीर हालत में प्रेमचंद्र और उनके परिजन बाल गोविंद को सीएचसी माल ले गए। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया, तो शव वापस मोहनखेड़ा ले आए। इसी दौरान मोहनखेड़ा के संजय ने फूलमती को घटना की जानकारी दी।

फूलमती बड़ी संख्या में परिजनों के साथ मौके पर पहुंची और प्रेमचंद्र पर गंभीर आरोप लगाए। मोहनखेड़ा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही मुआवजा देने की मांग भी करने लगे। जानकारी पर नायब तहसीलदार संतोष कुमार और अवर अभियंता ओम प्रकाश मौके पर पहुंचे। कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन देने पर परिजन शांत हो गए। मृतक के परिवार में चार पुत्र हैं। प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत पांडेय ने बताया कि फूलमती से लिखित शिकायत मिल गई है। आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।



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