झांसी। भाजपा पार्षद की ओर से सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट ने सियासत गरमा दी है। पार्षद ने लिखा कि झांसी नगर निगम में ईमानदार अधिकारी नहीं, भ्रष्टाचार करने वाला चाहिए। पार्षद की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है।
वार्ड 58 गुसाईंपुरा से पार्षद मुकेश सोनी नगर निगम में भाजपा पार्षद दल के सचेतक भी हैं। बृहस्पतिवार देर रात पार्षद ने नगर आयुक्त का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट डाली। फिर कमेंट में लिखा कि भ्रष्टाचार चरम पर था, नगर आयुक्त ने इसको रोका। उनकी इस पोस्ट की न सिर्फ खूब चर्चा हो रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर लोग जमकर प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। यह पोस्ट ठीक उसके बाद आई, जब मेयर बिहारी लाल आर्य के नेतृत्व में कुछ पार्षद लखनऊ में सीएम से मिले। ऐसे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सूत्रों के मुताबिक नगर निगम में भाजपा पार्षदों के अलग-अलग गुटों में बंटी है। इसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर पार्टी पदाधिकारियों के अलग-अलग खेमे हैं। नगर निगम की कार्यकारिणी में पार्षदों को भेजने से लेकर पार्टी के रणनीतिक फैसलों में माननीयों द्वारा चुनिंदा पार्षदों को तवज्जो देने से भी पार्टी के अन्य पार्षद नाराज चल रहे हैं। पार्षदों में अंदरखाने इस बात की भी चर्चा है कि लखनऊ भी चुनिंदा पार्षद ही गए। जब फोटो सोशल मीडिया पर शेयर हुईं, तब अन्य पार्षदों को इसकी जानकारी हुई। ऐसे में पार्षद मुकेश की इस पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी है। वहीं, इस मामले में मेयर बिहारी लाल आर्य का कहना है कि वह सभी पार्षदों का काम करते हैं और सभी को साथ लेकर चलते हैं।
तीन महीने पहले किया था सदन की बैठक का बहिष्कार
करीब तीन महीने पहले झांसी नगर निगम के इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष के पार्षदों ने सदन की बैठक का बहिष्कार कर दिया था, जिसे विपक्ष का भी साथ मिला। तब पार्षदों ने आरोप लगाया था कि उन्हें सदन में बैठाकर महापौर कक्ष में मेयर, कुछ पार्षद और अधिकारी बंद कमरे में मशविरा कर रहे हैं।
