आटा। थाना क्षेत्र के संदी, आटा और अकोढ़ी गांवों में शुक्रवार को उस समय खलबली मच गई, जब खेतों में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की शुरुआत संदी गांव की ओर से बताई जा रही है जो तेज हवाओं के चलते फैलते हुए आटा और अकोढ़ी तक पहुंच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों बीघा फसल के अवशेष आग की चपेट में आ गए। इसके साथ पांच बीघा गेहूं के ढेर राख हो गए।
खेतों से उठती ऊंची लपटों को देखकर किसान बदहवास होकर अपने-अपने खेतों की ओर दौड़ पड़े, लेकिन तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। आग ने कतराई के लिए रखे गेहूं के ढेर भी नहीं छोड़े। आटा के किसान मन्नी साहू के खेत में रखे करीब पांच बीघा गेहूं के दो बड़े ढेर जलकर पूरी तरह राख हो गए।
आग इतनी तेजी से फैली कि किसानों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों ने नलकूप चलाकर और पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा के कारण आग लगातार फैलती रही। करीब पांच किलोमीटर के दायरे में फैली इस आग से तीनों गांवों में दहशत का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही आटा थाना प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
आंखों के सामने जलती रही मेहनत, बेबस किसान रोता रहा
आटा के किसान मन्नी साहू के लिए यह हादसा किसी त्रासदी से कम नहीं था। जैसे ही उन्हें आग लगने की सूचना मिली, वह दौड़कर खेत पहुंचे और गेहूं के ढेर बचाने के लिए नलकूप चलवाया, लेकिन आग की तेज लपटों ने सब कुछ निगल लिया। उनकी आंखों के सामने ही पांच बीघा गेहूं के दोनों ढेर जलकर राख हो गए और वह कुछ नहीं कर सके।
परासन गांव में शॉर्ट सर्किट से आग, 80 बीघा अवशेष जले
इसी थाना क्षेत्र के परासन गांव में भी शुक्रवार दोपहर शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। आग ने तेजी से फैलकर करीब 80 बीघा गेहूं के फसल अवशेष को अपनी चपेट में ले लिया। दमकल टीम करीब दो घंटे की देरी से मौके पर पहुंची, तब तक अधिकांश अवशेष जल चुके थे।
वर्जन
आग लगने के जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजा गया है। सर्वे के बाद उचित मुआवजा दिया जाएगा। – मनोज कुमार सिंह, एसडीएम।
