लखनऊ। भदोही के सुरियावां भीखनपुर से लखनऊ आ रहे किसान राम शिरोमणि (57) को निगोहां स्टेशन के पास सोमवार रात युवक ने चलती ट्रेन से फेंक दिया। पटरी पर गिरने से उनकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह उनका खून से लथपथ शव मिला। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने आरोपी तुषार झा को पकड़ कर जीआरपी के हवाले कर दिया। जीआरपी ने प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।

सीओ जीआरपी अनिल सिंह के अनुसार, राम शिरोमणि सोमवार शाम साढ़े छह बजे साथी रमाकांत के साथ इंटरसिटी से लखनऊ के लिए निकले थे। बेटे लल्लन ने बताया कि पिता एक मामले में लखनऊ आ रहे थे। रमाकांत के अनुसार, रात नौ बजे राम शिरोमणि शौच के लिए गए। काफी देर तक न लौटने पर वह उन्हें देखने गए। उन्होंने शौचालय के पास भीड़ और अफरा-तफरी देखी। एक युवक यात्रियों से गाली-गलौज कर रहा है और लोगों का सामान फेंक रहा है। यात्रियों ने उन्हें बताया कि आरोपी ने राम शिरोमणि को चलती ट्रेन से फेंक दिया।

रातभर तलाश की गई, सुबह मिला शव

एसओ निगोहां अनुज तिवारी ने बताया कि ट्रेन के निगोहां स्टेशन रुकने पर लोगों ने जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी ने आरोपी युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम बिहार निवासी तुषार झा बताया।

जीआरपी ने निगोहां पुलिस की मदद से रातभर 16 किलोमीटर तक चलाए गए सर्च अभियान के बाद मंगलवार सुबह राम शिरोमणि का शव निगोहां रेलवे स्टेशन से पहले पड़ा मिला।

रायबरेली से ट्रेन में बैठा था आरोपी

सीओ जीआरपी अनिल सिंह ने बताया कि पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था, जिसे अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर हत्या की धारा में तरमीम किया जाएगा। आरोपी तुषार झा ने पूछताछ में घटना का कारण नहीं बताया। छानबीन में पता चला कि आरोपी रायबरेली से इंटरसिटी में बैठा था।

मानसिक रूप से बीमार है आरोपी

इंस्पेक्टर जीआरपी का कहना है कि आरोपी तुषार मानसिक रूप से कुछ बीमार लग रहा है। उनका मानना है कि वह किसी भी यात्री को फेंक सकता था। राम शिरोमणि के परिवार में पत्नी मजीरा, तीन बेटे लल्लन, रामदेव और दीपक हैं। लल्लन शाहजहांपुर और रामदेव आगरा में बैंक में कार्यरत हैं, जबकि दीपक माता-पिता के साथ रहता है।

राम शिरोमणि की फाइल फोटो।

राम शिरोमणि की फाइल फोटो।



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