आगरा में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर ने सभी विद्यालयों से उनके वाहनों का पूरा ब्योरा तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिले में कुल 5690 स्कूल हैं। इसमें अब तक 2900 स्कूल संचालकों ने ही वाहनों के संचालन संबंधी शपथपत्र जमा किए जबकि 2790 ने जमा नहीं किया है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संचालित सभी विद्यालयों से बसों और अन्य वाहनों की विस्तृत जानकारी मांगी है। विद्यालयों को वाहन संख्या, चालक-परिचालक का विवरण और फिटनेस संबंधी प्रमाण सहित सूचना देनी होगी। इसमें विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, प्रबंधक या प्रधानाचार्य का नाम शामिल होगा। वाहन का नंबर, चालक व परिचालक का नाम और मोबाइल नंबर भी देना अनिवार्य है।
निगरानी पोर्टल से होगी कार्रवाई
सरकार ने स्कूली वाहनों की निगरानी को सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल्स मॉनिटरिंग पोर्टल (यूपी आईएसवीएमपी) एक अप्रैल को लॉन्च किया था। इस पोर्टल पर वाहन का नंबर डालते ही उसके पंजीकरण, फिटनेस, प्रदूषण और बीमा की स्थिति सामने आ जाएगी। यदि कोई वाहन अनफिट है तो पोर्टल उसे रेडमार्क कर देगा। इससे सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) उस बस को सड़क से तुरंत हटवा सकेंगे। जो स्कूल प्रबंधक अपने वाहनों की जानकारी पोर्टल पर साझा नहीं करेंगे या गलत तथ्य पेश करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
