जगनेर। थाना क्षेत्र के दहगवां गांव में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में उचित दर विक्रेता बलवीर सिंह की दुकान पर खाद्यान्न का स्टॉक शून्य पाया गया, जबकि अभिलेखों के अनुसार दुकान पर 124.53 कुंतल अनाज उपलब्ध होना चाहिए था। जांच रिपोर्ट में खाद्यान्न की कालाबाजारी की आशंका जताते हुए कोटेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।


बता दें कि 13 अगस्त को ग्रामीणों की शिकायत के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि अगस्त माह का राशन वितरण शुरू नहीं किया गया है। सरकारी खाद्यान्न गायब कर दिया गया है। एसडीएम खेरागढ़ के निर्देश पर पूर्ति निरीक्षक चंद्रशेखर सहाय और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सूर्यप्रकाश दहगवां गांव पहुंचे। कोटेदार बलवीर सिंह मौके पर मौजूद नहीं थे। उनके पुत्र ने दुकान का ताला खोला, लेकिन टीम को स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया जा सका। भौतिक सत्यापन के दौरान दुकान में खाद्यान्न का स्टॉक शून्य पाया गया। जांच रिकॉर्ड के अनुसार, दुकान पर 71.25 कुंतल गेहूं, 47.50 कुंतल चावल और 5.78 कुंतल बाजरा, कुल 124.53 कुंतल खाद्यान्न उपलब्ध होना चाहिए था। इतनी बड़ी मात्रा का खाद्यान्न अभिलेखों में दर्ज होने के बावजूद दुकान खाली मिलने से कालाबाजारी के आरोप और गंभीर हो गए हैं। जांच टीम ने दुकान से जुड़े 33 कार्डधारकों के बयान भी दर्ज किए। कई कार्डधारकों ने आरोप लगाया कि ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद उन्हें राशन नहीं दिया गया। कुछ उपभोक्ताओं ने दो-तीन माह से राशन न मिलने, कम राशन दिए जाने या राशन के लिए भगा दिए जाने की शिकायत की। कुछ कार्डधारकों ने कोटेदार पर अभद्र व्यवहार करने और शराब के नशे में राशन वितरण करने के भी आरोप लगाए।



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