बाह। उफान के बाद चंबल के थमने से नदी किनारे के 38 गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। शनिवार को महज 12 घंटे में नदी का जलस्तर 112 मीटर से बढ़ कर 117.40 मीटर हो गया था। 5.40 मीटर की जलवृद्धि से नदी के तटवर्तीय गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया था। नदी का चेतावनी स्तर 127 मीटर तथा खतरे का स्तर 130 मीटर पर है। राजस्थान, मध्य प्रदेश में हुई बारिश के चलते बाह में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हो उठे थे। रविवार सुबह तक नदी का जलस्तर थमा रहा। शाम को 1.40 मीटर की गिरावट के साथ जलस्तर 116 मीटर रह गया है।
रेहा के प्रधान अजय कौशिक, सिमराई के प्रधान जयवीर सिंह, भगवानपुरा के प्रधान बच्छराज सिंह ने बताया कि रविवार को जलस्तर में गिरावट के साथ ही चंबल नदी में बाढ़ का खतरा टल गया है। महज 12 घंटे में 5.40 मीटर जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण रात भर परेशान रहे थे। चंबल नदी राजस्थान से सटे रेहा से लेकर इटावा से लगे उदयपुर खुर्द तक अपने पेटे में बह रही है। बाह के रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ आदि जलीय जीव किनारे के खादर में आ सकते हैं। वन विभाग निगरानी रख रहा है। नदी क्षेत्र में ग्रामीणों को खुद एवं पशुओं को ले जाने से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। एसडीएम बाह विनोद कुमार ने बताया प्रशासन नजर रखे है। जलस्तर में गिरावट दर्ज हुई है फिर भी तटवर्तीय ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।
