आगरा। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के वेतन की गणना के लिए एक नया फॉर्मूला लागू करने पर विचार कर रही है। यह एक्रॉयड फॉर्मूला डॉ. वालेस एक्रॉयड द्वारा विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के पोषण और जीवन-यापन की न्यूनतम लागत पर आधारित आदर्श वेतन का अनुमान लगाना है।
इस फॉर्मूले में मूल वेतन और महंगाई भत्ते के अलावा कई जरूरी खर्च शामिल हैं। इनमें कर्मचारियों के भोजन, कपड़े, आवास और परिवहन जैसे व्यय शामिल हैं। इन सभी खर्चों को सीटीसी (कंपनी टू कास्ट) में समाहित किया गया है। संशोधित वेतन की गणना का मूल फॉर्मूला है : संशोधित वेतन = मूल वेतन ×फिटमेंट फैक्टर। यह फॉर्मूला सरकार को अपने कर्मचारियों और पेंशनधारकों की सैलरी और पेंशन तय करने में मदद करेगा। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। वहीं, वैश्विक मंच पर मेडिकल और पेंशन को समाजिक सुरक्षा के ताैर पर देखा जा रहा है। ऐसे में पेंशन और मेडिकल सुविधा को अलग तरह से गणना की जा रही है। फिलहाल 70 वर्ष से ज्यादा आयु वाले सभी नागरिकों, कुछ प्रदेशों में शिक्षकों और प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के लिए 5 लाख तक का इलाज निशुल्क किया गया है।
भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की राशि भी बढ़ी
सेवा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की राशि भी बढ़ाई गई है। लेकिन नए प्रावधानों के तहत अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की समय सीमा पांच साल से घटाकर एक साल कर दी गई है। यह बदलाव अनुबंध कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण लाभ है।
ओवर टाइम और 9 घंटे की सेवा
निजी क्षेत्र में ओवर टाइम को भी सीटीसी में जोड़कर देखा जा रहा है। इस क्षेत्र में एक दिन में काम करने की मानक अवधि आठ घंटे तय की गई है, एमएनसी कंपनियों और आईटी कंपनियों में 9 घंटे तय की गई है, जिसके एवज में दो दिन का साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान है। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित घंटों से अधिक काम करता है, तो कंपनी को उसे दोगुनी दर से ओवरटाइम का भुगतान करना होगा।
संभावित फिटमेंट फैक्टर
जानकारों ने 8वें वेतन आयोग के तहत कई फिटमेंट फैक्टरों का अनुमान लगाया है। ये फैक्टर 1.8, 1.92, 2.00, 2.08, 2.57, 2.86 या 3.833 हो सकते हैं। इनमें से किसी एक को मंजूरी मिल सकती है। यह फैक्टर वेतन वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महंगाई भत्ता पर प्रभाव
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर एक खास बात सामने आएगी। महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) को शून्य कर दिया जाएगा। यह कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। नए वेतनमान में इन भत्तों को समायोजित किया जाएगा।
