Traders protest against GST raids, urge authorities not to cause trouble during the festive season

जीएसटी विभाग के व्यापारी संवाद में शामिल व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि स्त्रोत संगठन
– फोटो : Archive

आगरा। त्योहारी सीजन में व्यापारियों ने जीएसटी विभाग की विशेष जांच शाखा (एसआईबी) के सर्वे और छापों का कड़ा विरोध किया है। बृहस्पतिवार को व्यापारियों ने अधिकारियों के साथ हुए संवाद में दो टूक कहा कि त्योहारी सीजन में सर्वे के नाम पर उन्हें परेशान न किया जाए। इससे विभाग को अधिक राजस्व मिलेगा। छापों से व्यापारी हतोत्साहित होते हैं। विभाग को व्यापारी अधिक टैक्स देंगे, बशर्ते उनका कारोबार प्रभावित न हो।


जीएसटी विभाग और विभिन्न व्यापार संगठनों के बीच जयपुर हाउस में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें कपड़ा, ड्राई फ्रूट्स, रेडीमेड गारमेंट्स और मिष्ठान विक्रेताओं ने अपना पक्ष रखा। अध्यक्षता करते हुए जॉइंट कमिश्नर एके सिंह ने कहा कि दीपावली पर बिक्री बढ़ती है, इसलिए व्यापारियों को भी अपनी बिक्री के अनुसार बढ़ाकर रिटर्न दाखिल करना चाहिए।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने एसआईबी सर्वे को त्योहारी सीजन तक स्थगित करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई न होने पर कारोबारी सुगमता से व्यापार कर सकेंगे और विभाग का राजस्व लक्ष्य पूरा करने में भी सहायक होंगे। आगरा स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार भगत ने कहा छापे से व्यापार पर बुरा असर पड़ता है।

शत प्रतिशत बिलिंग से काम करने वालों को परेशान न किया जाए तो 20% अधिक टैक्स देंगे। संचालन उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह व अखंड प्रताप सिंह ने किया। अंत में नितेश अग्रवाल ने अधिकारियों का आभार जताया।

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नो-एंट्री और ई-वे बिल का झंझट

किराना व्यापारी रमेश कल्याणी ने बताया कि रावतपाड़ा में ट्रकों की नो-एंट्री है। रामबाग से टेंपो में माल आता है लेकिन मूल ई-वे बिल ट्रक पर होने के कारण सचल दल टेंपो को रोककर परेशान करते हैं। सभी बिक्री बिल होने के बावजूद एसआईबी सर्वे से दिक्कतें आ रही हैं। व्यापार मंडल के जय पुरसनानी ने कहा कि विभाग शुरुआती छमाही की बिक्री से पूरे साल का आकलन न करे। 65% व्यापार अक्तूबर से मार्च की दूसरी छमाही में होता है। वहीं, कपड़ा और रेडीमेड गारमेंट्स व्यापारियों संजय व संजीव अग्रवाल ने बताया कि उत्पाद महंगे होने से फिलहाल बिक्री घटी है जिसका असर रिटर्न पर है।



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