आगरा। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना है, दोपहिया या चारपहिया गाड़ी चलानी आती हो या नहीं, फिर भी बनवा देंगे। कार में एक फोटो खिंचेगी और लाइसेंस घर पहुंच जाएगा। बस लर्निंग के लिए 1330 तो स्थायी लाइसेंस के लिए 8 हजार खर्च करने पड़ेंगे…। इतना बोलते ही दलाल को शक हो जाता है और वह सीट से खड़ा हो जाता है। इसके बाद चुप्पी साध लेता है। आरटीओ के बाहर दाम के बदले काम का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अफसर दफ्तर में अंदर बैठे रहते हैं, बाहर यह पूरा फर्जीवाड़ा होता रहता है।

बुधवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में यह बात सामने आई है। आरटीओ कार्यालय के बाहर ही जन सुविधा केंद्र खुले हैं। लाइसेंस बनाने के लिए प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है। जानकारी के अभाव में लोग जन सेवा केंद्र पहुंचते हैं। कार्यालय में पूछताछ करने जाने पर भी इन केंद्रों पर ही भेज दिया जाता है। इनके आसपास दलाल भी सक्रिय रहते हैं, जो लोगों को आसान तरीके से लाइसेंस बनवाने का झांसा देते हैं। यह पूरा खेल खुलेआम चलता है। इस पर किसी की रोक-टोक भी नहीं है।

वैधता खत्म होने पर लाइसेंस

बनवाने पर 12 हजार का खर्च

अमर उजाला की टीम एक ठेले पर पहुंची। चारपहिया वाहन का लाइसेंस नहीं बन पाने की समस्या बताई। ठेल पर बैठे युवक से पूछा कि कोई तरीका होता तो बता दो, जब उसने परेशान देखा तो किसी को कॉल किया। 2 मिनट बाद एक व्यक्ति पहुंच जाता है। वह उससे संपर्क कराता है। उसने वैधता खत्म हो चुके लाइसेंस की प्रक्रिया के बारे में पूछा। उसने कहा कि पुराने दोपहिया वाहन के लाइसेंस को 4 हजार रुपये में नवीनकृत (रिन्यू) करा दिया जाएगा। चारपहिया वाहन के लिए 8 हजार रुपये का खर्च आएगा। इस तरह दोनों के कुल 12 हजार रुपये लगेंगे। किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। टेस्ट की जिम्मेदारी अपनी बताते हुए चलता बना।

15 में से 9 प्रश्नों के सही जवाब

पर बनता है लर्निंग लाइसेंस

आरटीओ के मुताबिक, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। लर्निंग लाइसेंस के लिए सारथी परिवहन पोर्टल पर आवेदन करना होता है। इसमें आवेदन करने पर 350 रुपये फीस अदा करनी होती है। इसमें यातायात नियमों की जानकारी के बाद प्रश्नपत्र में जवाब देने होते हैं। 15 प्रश्न में से 9 के उत्तर ठीक होने पर लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। इसके बाद छह माह के भीतर स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए सरकारी फीस एक हजार रुपये अदा करनी होती है। ड्राइविंग टेस्ट के लिए अलग से ड्राइविंग स्कूल बना हुआ है, जोकि सीसीटीवी कैमरों से लैस है। इसमें पास होने के बाद ही लाइसेंस जारी किया जाता है।

वर्जन

आरटीओ के बाहर अवैध तरीके से लोगों को लाइसेंस बनवाने का झांसा देने वालों पर कार्रवाई के लिए नगर निगम और पुलिस को पत्र लिखा जा चुका है। बुधवार को भी महिला सहित दो लोगों ने अस्थायी लाइसेंस के नाम पर रुपये लेने की शिकायत दर्ज कराई हैं। इनकी जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई अवैध तरीके से लाइसेंस बनाने की बात करता है तो पुलिस के माध्यम से कार्रवाई कराई जाएगी।

विनय कुमार, एआरटीओ प्रशासन



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