आगरा। आगरा खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए संपन्न हुए मतदान के बाद पिछले चुनाव की तुलना में वोटिंग पैटर्न में भारी बदलाव देखने को मिला है। इस बदलाव ने राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा दी है। इस बार के नतीजों को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है, शुरुआती दौर में स्नातक चुनाव में भाजपा के मानवेंद्र प्रताप सिंह और शिक्षक चुनाव में सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल को मजबूत माना जा रहा था।

दरअसल, 2026 के चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 64 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 51 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। उधर, वर्ष 2020 में आयोजित चुनाव में 70.78 फीसदी शिक्षक मतदाताओं ने वोट डाले थे जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 41.55 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान में करीब 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे प्रत्याशी अपनी जीत-हार के गणित को लेकर असमंजस में हैं।

वहीं दूसरी तरफ स्नातक चुनाव में मतदाताओं के उत्साह के चलते मतदान प्रतिशत में लगभग 10 फीसदी का बड़ा इजाफा देखा गया है। शिक्षक मतों में आई कमी और स्नातक वोट बैंक में हुई बढ़ोतरी के बाद विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। जहां एक ओर शिक्षक सीट पर कम मतदान से दिग्गजों के समीकरण गड़बड़ाने की आशंका जताई जा रही है, वहीं स्नातक सीट पर बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत बदलाव का संकेत देगा या सत्ता पक्ष के पक्ष में जाएगा, इसे लेकर सभी दलों के रणनीतिकार देर रात तक गुणा-भाग में लगे रहे।

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