आगरा के दिल्ली गेट स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड और पुष्पांजलि ग्रुप के आईटी सिस्टम पर फिरौती के लिए साइबर अटैक किया गया। रैनसमवेयर (कंप्यूटर डेटा को लॉक या एन्क्रिप्ट कर फिरौती मांगने वाले सॉफ्टवेयर) हमले के मामले में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कंपनी के डायरेक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया है कि रैनसमवेयर हमले के कारण अस्पताल के सर्वर का महत्वपूर्ण डाटा लॉक हो गया। इस कारण अस्पताल का संचालन प्रभावित हो गया। उन्होंने बताया कि 8 जुलाई की शाम 6:10 बजे अस्पताल के विंडोज सर्वर पर अज्ञात साइबर अपराधियों ने हमला किया। 

कंपनी का डिजिटल डाटा संग्रह, बैकअप फाइलें, टेली सॉफ्टवेयर को लॉक कर दिया। आईटी एक्सपर्ट्स ने जांच की तो सर्वर पर रैनसम नोट (फिरौती मांगने वाला संदेश) मिला। डाटा को दोबारा खोलने के बदले भुगतान की मांग की गई। एक्सपर्ट ने प्रभावित सर्वर को तत्काल नेटवर्क से अलग कर दिया।

मयंक ने बताया कि जांच के लिए रैनसम नोट का स्क्रीनशॉट, प्रभावित सर्वर की सूची, सिस्टम लॉग और अन्य तकनीकी साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच कर आरोपियों का पता लगाया जा रहा है।

आगरा में पहला रैनसमवेयर अटैक

पुलिस के आंकड़ों की माने तो कंप्यूटर का सर्वर लॉक कर डाटा वापस करने के बदले फिरौती मांगने का यह पहला मामला है। इससे पहले लोग ऐसे मामले सिर्फ फिल्मों में देख रहे थे। आईटी एक्सपर्ट अभिषेक गुप्ता का कहना है कि अगर स्थानीय स्तर पर रैनसमवेयर अटैक शुरू हो रहे हैं तो यह भविष्य के लिए चिंताजनक है।

 



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