बटेश्वर। तीर्थ धाम बटेश्वर में मंगलवार को ऋषि पंचमी के पावन पर्व पर महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने पतियों की दीर्घायु की कामना की। महिलाओं ने गाय के गोबर से चौक बनाकर मिट्टी के शिवलिंग स्थापित किए। फल, हल्दी, दूब, केला एवं पीपल के पत्तों के साथ पूरी श्रद्धा से हवन-पूजन किया।
पूजा के उपरांत महिलाओं ने साधु-संतों और पंडितों को आमंत्रित कर ऋषि-मुनियों की कथा सुनी और व्रत का उद्यापन किया। संतों को भोजन कराने के बाद उन्हें वस्त्र, बर्तन और दान-दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। सुहागिनों ने मां गौरा-पार्वती और महादेव को सुहाग सामग्री व चुनरी अर्पित की। मंदिर के महंत नरेंद्र गोस्वामी ने बताया कि यह व्रत सुहागिनों और नवविवाहित जोड़ों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
घर-घर हुआ उद्यापन
फतेहपुर सीकरी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मंगलवार को ऋषि पंचमी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। महिलाओं और बच्चियों ने ऋषि पंचमी की कथा सुनी और हवन-यज्ञ कर व्रत का उद्यापन किया। कई घरों में धार्मिक अनुष्ठान के बाद प्रसाद वितरित किया गया। मान्यता के अनुसार महिलाएं और बच्चियां पांच या सात वर्ष तक ऋषि पंचमी का व्रत रखती हैं। व्रत की अवधि पूरी होने पर अनुष्ठान की पूर्णता के लिए विधि-विधान से उद्यापन किया जाता है। इस दौरान सप्तर्षियों की पूजा-अर्चना कर हवन किया गया।