आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में इंटीग्रेटेड प्लान के तहत बाल रोग अस्पताल को प्राथमिकता पर तैयार किया जाएगा। इसे दूसरे चरण में सबसे पहले बनाया जाएगा। इसकी दोबारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाई जा रही है, जिसमें आंशिक बदलाव किए गए हैं। डेढ़ साल में यह बन जाएगा।
बीते महीने इमरजेंसी में बच्चे पर प्लास्टर गिर गया था। इसके अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। सपा-कांग्रेस ने इसे प्लास्टर के चलते मौत बताया, वहीं कॉलेज प्रशासन ने गंभीर निमोनिया को वजह बताया। इसके बाद एसएन के सभी पुराने भवनों की ऑडिट हुई, जिसमें इनकी मरम्मत की जरूरत बताई। इनमें सबसे ज्यादा जर्जर भवन बाल रोग विभाग मिला। ऐसे में इंटीग्रेटेड प्लान के तहत बाल रोग अस्पताल को प्राथमिकता पर बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
इसमें 250-300 बेड की क्षमता होगी। अभी विभाग में मात्र 120 बेड ही हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के नियोजन विभाग ने डीपीआर बना ली है, इसमें आंशिक बदलाव करते हुए नई डीपीआर बनाई है। इसे शासन को भेज रहे हैं। जल्द इसका निर्माण कार्य शुरू होगा।
क्रिटिकल केयर में होगा शिफ्ट
प्राचार्य ने बताया कि बच्चों का नया अस्पताल 2028 तक बन पाएगा। ऐसे में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण हो रहा है। 6-8 महीने में बन जाएगी। तब तक बाल रोग विभाग को यहां संचालित करेंगे। इसका नया भवन बनने के बाद विभाग को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
