किरावली। ग्राम चैंकोरा में शनिवार को खारी नदी के पास चराने के दौरान जलकुंभी में फंसने से 18 दुधारू भैंसें डूब गई थीं। इससे पीड़ित पशुपालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। रविवार को गांव पहुंचे सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पशुपालकों को ढांढस बंधाया।
जलकुंभी में फंसकर डूबीं भैंसों में ग्राम चैंकोरा निवासी कमल सिंह की 12 और वीरेंद्र सिंह बघेल (पुत्र शोभाराम) की 6 भैंसें शामिल हैं। रविवार को फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर और स्थानीय विधायक चौधरी बाबूलाल प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, मोहन सिंह चाहर, चौधरी दिलीप सिंह, रालोद प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर, भूदेव पहलवान, भाकियू अमर के जिलाध्यक्ष प्रदीप मुखिया और सपा नेता संतोष कुमार ने घटना पर दुख जताया है। नेताओं ने सामान्य प्रशासनिक मुआवजे को नाकाफी बताते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवारों को भारी आर्थिक मदद देने और सिंचाई विभाग की ओर से खारी नदी से जलकुंभी तुरंत हटवाने की मांग की है। वहीं उपजिलाधिकारी किरावली अभिनव पाठक, एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह, तहसीलदार दीपांकर, पुलिस बल, पीएसी टीम और पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अधिकारियों को युद्धस्तर पर शेष राहत कार्य पूरा करने और नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
खारी नदी से अब तक मृत मिलीं 8 भैंसें गांव चैंकोरा खारी नदी में जलकुंभी में फंसकर मरी 18 भैंसों में से शनिवार को 2 और रविवार शाम तक 6 को मृत हालत में निकाला जा चुका है। एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक 8 भैंस मृत निकाली जा चुकी हैं। अन्य की तलाश जारी है।
यशपाल सिंह ने की पशुपालकों को एक लाख मदद की घोषणा
भाजपा नेता यशपाल सिंह चौधरी निवासी पनवारी ने दोनों पशुपालकों कमल सिंह एवं वीरेंद्र के लिए 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की। साथ ही सितंबर में कमल सिंह की बेटी की शादी के लिए सामान देने की भी घोषणा की।
