लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) नए सत्र से नई शिक्षा नीति (एनईपी) को पूरी तरह से लागू करने में जुट गया है। इसके तहत पहले वर्ष से ही छात्रों को इलेक्टिव कोर्स लेने (पढ़ने) का विकल्प मिलेगा। वो दूसरे विषय से संबंधित जानकारी भी ले सकेंगे। वहीं अलग-अलग ब्रांच का सिलेबस भी अपडेट किया गया है। इसमें आज की जरूरत के अनुरूप एआई, मशीन लर्निंग, डाटा साइंस आदि को प्रैक्टिकल रूप में शामिल किया गया है।
एकेटीयू के डीन यूजी प्रो. अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि हम चार क्रेडिट के कोर्स में 60 घंटे पढ़ाई कराएंगे। इसमें छात्र तीन थ्योरी और एक इलेक्टिव कोर्स ले सकेंगे। इसी तरह 30 घंटे का प्रैक्टिकल एक क्रेडिट का होगा। इतना ही नहीं कोर्स को इस बार ऐसे डिजाइन किया है कि इलेक्ट्रिकल में अलग, मैकेनिकल में अलग गणित पढ़ाई जाएगी। जिसको जैसी जरूरत होगी, वैसा प्लान बनाया गया है। इमर्जिंग तकनीकी एआई, डेटा साइंस आदि को अनिवार्य किया गया है।
मानव मूल्यों व सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई भी
प्रदेश के इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्र अब सिर्फ गणित व विज्ञान की तकनीकी जानकारी ही नहीं लेंगे। बल्कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) के बदले हुए नियमों के तहत वे मानव मूल्यों, सामाजिक विज्ञान आदि की पढ़ाई भी करेंगे। इसके तहत एक्स्ट्रा कॅरिकुलर एक्टिविटी में 100 पॉइंट तय किए गए हैं। छात्रों को एक वर्ष में 25 पॉइंट अर्जित करने होंगे। विश्वविद्यालय की ओर से नए सत्र के लिए तैयार किए गए पाठ्यक्रम में इसे शामिल किया गया है।
व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए करेंगे काम
एकेटीयू इन इलेक्टिव कोर्स के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव देगा। छात्रों को विभिन्न इलेक्टिव कोर्स में प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा का अनुभव देगा। उन्हें वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के लिए अपने प्राप्त ज्ञान का इस्तेमाल करते हुए प्रोजेक्ट पर काम करेंगे। विवि विभिन्न उद्योगों और प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ साझेदारी करेगा। इससे छात्रों को इंटर्नशिप, औद्योगिक दौरे और विशेषज्ञ अतिथि व्याख्यान के अवसर मिलेंगे। एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से डिजाइन प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
