अलीगढ़-आगरा रूट पर बस से सफर करने वाले यात्रियों को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगरा से आने वाली बसें हाथरस शहर के भीतर प्रवेश करने के बजाय आगरा रोड बाईपास पर ही यात्रियों को उतार रही हैं। इसके बाद यात्रियों को गांधी पार्क या शहर के अन्य हिस्सों में जाने के लिए मजबूरन ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है, इससे समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है।
बस का किराया कम नहीं हुआ, जबकि ऑटो पर 30 से 60 रुपये अलग से खर्च हो रहे हैं। एक जगह पहुंचने के लिए दो से तीन ऑटो बदलने पड़ रहे हैं। रात के समय बाईपास पर सुनसान जगहों पर उतरना यात्रियों के लिए असुरक्षित है। बाईपास पर न तो बैठने की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की।
हाथरस से आने के बाद मुझे एटा चुंगी पहुंचने के लिए तीन बार ऑटो बदलना पड़ा। सिर्फ ऑटो के किराए में ही तीस रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए।– संजय कुमार, हाथरस
बस अब अलीगढ़ शहर से करीब 15 किलोमीटर दूर ही उतार देती है। शहर के भीतर जाने के लिए दोबारा ऑटो करना पड़ता है, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं।– विजय पाल, हाथरस
बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए ऑटो में ही 60 रुपये खर्च हो गए। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि बस का किराया कम नहीं हुआ है, चाहे वह शहर से चले या बाहर से।– विशाल, सासनी गेट
बसों के शहर में प्रवेश न करने से सबसे बड़ी दिक्कत बस पकड़ने में होती है। अब बस स्टैंड के बजाय बाईपास पर सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है।-योगेश, आगरा रोड
जो बसें शहर में नहीं आ रही हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर बसों को अंदर आने के निर्देश हैं। ऐसे बस स्टाफ को चिह्नित किया जाएगा। – सत्येंद्र वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन विभाग