सौभाग्य और अटूट पुण्य के पर्व अक्षय तृतीया के लिए बाजारों में काफी चहल-पहल है। पर्व 19 अप्रैल को है। महिलाओं में इसके लिए विशेष उत्साह है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और खरीदारी से अक्षय फल प्राप्त होता है। इसलिए महिलाएं घर की सफाई से लेकर परिधान व आभूषणों की खरीदारी तक तैयारियां कर रही हैं।
किनारी बाजार, राजामंडी और संजय प्लेस जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ने लग रही है। कपड़ों के शोरूम और ज्वेलरी की दुकानों और शोरूम में विशेष रौनक है। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही पूजा के लिए विशेष मिट्टी के कलश, सत्तू और मौसमी फलों की मांग बढ़ गई है। महिलाएं इस दिन ठाकुरजी की विशेष सेवा करती हैं। चंदन का लेप कर सूती वस्त्रों से भगवान का शृंगार किया जाता है। मंदिरों में विशेष फूलबंगला और शीतलता प्रदान करने वाले भोग अर्पित किए जाएंगे।
यह पर्व बहुत खास
अक्षय तृतीया हमारे लिए बहुत खास है। मैंने पूजा के लिए पीतल के बर्तन और सोने का सिक्का खरीदा है। घर में सत्तू के लड्डू और आम का पना बनाने की तैयारी है। जरूरतमंदों को पानी का घड़ा दान करने का भी विचार है। -सोनी गर्ग, हरीपर्वत
सामूहिक पूजा करूंगी
यह पर्व नई शुरुआत का प्रतीक है। मैंने अक्षय तृतीया के लिए पारंपरिक राजस्थानी लहरिया साड़ी ली है। हम सहेलियों ने मिलकर सामूहिक पूजा और भजन-कीर्तन का आयोजन रखा है। परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। -सीमा, आवास विकास कॉलोनी
