रामपुरा। सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने पहुंची महिला लेखपाल के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में लेखपालों ने थाना रामपुरा पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
तहसील माधौगढ़ में तैनात लेखपाल सीमा निषाद (वर्तमान में बहराई हल्के की लेखपाल) 8 जून 2026 को ग्राम लिटावली में शासकीय भूमि की जांच करने पहुंची थीं। जांच के दौरान खाद के गड्ढों की भूमि पर चंद्रपाल सिंह का कब्जा पाया गया। लेखपाल द्वारा कब्जा हटाने के निर्देश दिए जाने पर चंद्रपाल भड़क गया और विरोध करने लगा।
इसी दौरान चंद्रपाल सिंह एवं उसके पुत्र जयवीर सिंह ने लेखपाल के हाथ से तहसीलदार के आदेशयुक्त प्रार्थना पत्र छीनकर फाड़ दिया। आरोप है कि दोनों ने महिला लेखपाल के साथ गाली-गलौज, अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। साथ ही लेखपाल के पति पर हमला करने का प्रयास भी किया गया।
घटना के बाद लेखपाल सीमा निषाद ने थाना रामपुरा में तहरीर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में लेखपाल नायब तहसीलदार के साथ थाना पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
थाना प्रभारी रामपुरा इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर चंद्रपाल सिंह और जयवीर सिंह के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
