लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से आह्वान किया कि नफरत से नहीं, प्यार और मोहब्बत से सिस्टम को बदलना है। एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्यमी गौतम अडानी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए केपी कॉलेज इंटर कॉलेज मैदान पर मौजूद हजारों छात्रों से उन्होंने कहा कि पूरा सिस्टम इन्हीं के हाथ में है और इस सिस्टम ने रोजगार खत्म कर दिया है। अडानी की आय 10 साल में 30 गुना बढ़ी, भाजपा का बैंक बैलेंस 150 करोड़ से बढ़कर 10 हजार करोड़ हो गया है और आरएसएस आपकी सोच को कंट्रोल कर रहा है।
आरएसएस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भी आरएसएस का वाइस चांसलर बैठा दिया गया है। छात्रों से कहा कि आपने सिस्टम समझ लिया है और इसका उदाहरण जंतर-मंतर में देखने को मिला। अब इसी सिस्टम को बदलना है और यह नफरत से नहीं बल्कि प्यार और मोहब्बत से होगा।
नोट बंदी ने ‘मेड इन इंडिया’ को पहुंचाई चोट
राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया में ‘मेड इन चाइना’, ‘मेड इन वियतनाम’ दिख जाएगा लेकिन ‘मेड इन इंडिया’ नहीं दिखता। दरअसल, नोटबंदी और जीएसटी के कारण मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम खत्म हो गया है। बैंक अबानी-अडानी को करोड़ों रुपये देंगे लेकिन आपको एक रुपया तक नहीं देते। 150 में सक एक युवा को स्थायी नौकरी मिलती है। पब्लिक सेक्टर के निजीकरण से भी नौकरियां खत्म हो रहीं है। आईटी व सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में भी नौकरियों के दरवाजे बंद हो रहे हैं।