बेला क्षेत्र के गांव धर्मपुर ज्ञानी में रविवार को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार में प्रसव के महज छह घंटे बाद ही प्रसूता की छुट्टी कर दी गई। घर जाते समय रास्ते में प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
धर्मपुर ज्ञानी निवासी पंकज कुमार की पत्नी संगीता (23) को रविवार सुबह करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी सहार में भर्ती कराया गया था। यहां संगीता ने एक बेटे को जन्म दिया लेकिन वह मृत पैदा हुआ। इस दुखद घटना के बीच अस्पताल प्रशासन ने दोपहर करीब तीन बजे संगीता को अस्पताल से छुट्टी दे दी। नियमानुसार प्रसव के बाद 48 घंटे तक प्रसूता को अस्पताल में ही रखा जाता है लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया।
परिजन के अनुसार अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब वे संगीता को लेकर घर लौट रहे थे, तभी अचानक उसे तेज घबराहट होने लगी और हालत बिगड़ने लगी। परिजन उसे लेकर सीएचसी बेला पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
महिला फर्रुखाबाद के कायमगंज निवासी गंगाचरण की बेटी थी। उसकी शादी करीब पांच साल पहले पंकज के साथ हुई थी। संगीता अपने पीछे तीन साल की मासूम बेटी वैष्णवी को छोड़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि महिला और बच्चे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। तहसीलदार बिधूना प्रतिमा पाल सीएचसी बेला पहुंची और परिजन से जानकारी ली।
