सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब आगे बढ़ गई है। विवेचक ने हाल ही में बैंककर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब ट्रस्ट से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि सबसे पहले डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। पूरे मामले की जांच आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में करने की बात भी कही गई थी। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद जिले में पहले से चल रही पुलिस की जांच सुस्त पड़ गई थी।
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उधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने लखनऊ के आईजी किरण एस के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी। इसमें अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया था। एसआईटी के गठन के बाद ही जिले में जांच फिर से रफ्तार पकड़ने लगी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इसी बीच गणना कार्य से जुड़े बैंक कर्मियों से पूछताछ की है, जिससे कई अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। अब इस कार्य की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारी से भी पूछताछ की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार सबसे पहले ट्रस्टी रहे डॉक्टर अनिल मिश्रा का बयान ही दर्ज किया जाना है। उन्हें नोटिस जारी करने की तैयारी है। एसआईटी बैंकिंग पक्ष से सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर उनसे सवाल कर सकती है। हालांकि किसे और कब नोटिस जारी किया जाएगा, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
अनिल मिश्रा के बयान पर नजर
अनिल मिश्रा के बयान पर सबकी नजर टिकी है। माना जा रहा है कि एसआईटी उनसे चढ़ावे की रकम से जुड़ी व्यवस्था और संबंधित रिकॉर्ड के बारे में जानकारी ले सकती है। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर गोपाल राव से भी पूछताछ की जा सकती है।
अभी तक नहीं हुई नई एसआईटी की बैठक
संभावना जताई जा रही थी कि नई एसआईटी गठित होने के बाद उसके सदस्यों की जल्द ही बैठक होगी। सभी पहलुओं पर विचार करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी, लेकिन तीसरे दिन भी एसआईटी की बैठक नहीं हुई है। हालांकि पुलिस अधिकारी मामले की जांच आगे बढ़ने का दावा कर रहे हैं।
