मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में भर्ती गर्भवती को स्ट्रेचर न मिलने पर पैदल प्रसव कक्ष ले जाते समय प्रसव होने से नवजात की फर्श पर गिरने से मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने हंगामा किया और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के बाद डॉ. रश्मि, तीन नर्सों और दो अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
हरदी थाना के नेपालपुरवा निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि उनकी पत्नी ज्योति आठ माह की गर्भवती थीं। रविवार रात उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह अल्ट्रासाउंड के बाद दोपहर को प्रसव पीड़ा बढ़ाने के लिए दवा दी गई। आरोप लगाया कि दोपहर करीब दो बजे दर्द तेज होने पर परिजनों ने स्ट्रेचर मांगा, लेकिन स्ट्रेचर उपलब्ध न होने पर ज्योति को पैदल ही प्रसव कक्ष की ओर ले जाना पड़ा। इसी दौरान प्रसव हो गया और नवजात फर्श पर गिर गया। इससे नवजात की मौत हो गई।
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अल्ट्रासाउंड में गर्भ में ही मृत था शिशु : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय खत्री का कहना है कि मामले में लापरवाही उजागर होने पर चिकित्सक रश्मि समेत छह को निलंबित किया गया है। महिला भर्ती थी और अकेले बाथरूम गई थी तभी प्रसव हो गया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में शिशु की धड़कन नहीं मिली थी। संभवत: गर्भ में ही गर्भ में ही उसकी मौत हुई है।