इटावा। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के नगला उदी में शनिवार दोपहर को संदिग्ध हालत में मिली किशोरी पूछताछ में बांग्लादेशी निकली थी। किशोरी के बांग्ला भाषा बोलने में जब दिक्कत हुई तो ट्रांसलेटर व एआई के माध्यम से उसकी बात समझी गई तो कई बातें सामने आई। पुलिस व एलआईयू से पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह पांच भाई-बहन हैं। इसमें एक भाई की मौत हो चुकी है। उनका परिवार मजदूरी वर्ग से आता है। इसमें रोज कमाने-खाने वाले परिवार से ताल्लुक रखती है। वहां हालत बिगड़ने के चलते काम की तलाश में यहां आई थी।
बांग्लादेशी किशोरी मिलने के बाद जिले की पुलिस व एलआईयू बड़ी बारीकी व एक-एक बिंदु पर पड़ताल कर रही है। पूछताछ में किशोरी ने बताया कि वह भारत में आने के बाद ट्रेन के माध्यम पुरानी दिल्ली पहुंची थी। यहां वह अपने परिचित के यहां चार दिन रुकी। यहां परिचित ने काम के सिलसिले में बात कर उसे बागपत में काम दिलवाया था। साथ ही उसका बागपत का टिकट करवाया था। पुरानी दिल्ली में वह ट्रेन में चढ़ते समय गलत ट्रेन में बैठ गई और भूलवश इटावा पहुंच गई। किशोरी ने बताया कि वह यहां परेशान हो गई है। उसने बांग्लादेश जाने की इच्छा अधिकारियों से व्यक्त की। सिविल लाइंस थानाध्यक्ष केके मिश्रा ने बताया कि उसे मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया जाएगा।
बांग्लादेशी किशोरी ने पूछताछ में बताया कि वह बांग्लादेश व पश्चिम बंगाल के सीमा पर स्थित इच्छामती नदी के रास्ते भारत पहुंची थी। इसके बाद वह पुरानी दिल्ली गई। यहां वह चार दिन किसी परिचित के यहां रुकी। पुलिस अफसरों ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों समेत दूतावास को दी है। पुलिस इस मामले में बड़ी बारीकी व गोपनीय ढंग से जांच कर रही है। साथ ही इस मामले में कुछ भी बताने से बच रही है। पुलिस अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किशोरी ने पूछताछ में बागपत जाने की बात कही थी। इटावा पुलिस टीम बागपत पुलिस से सामंजस्य स्थापित किशोरी की ओर से बताई सूचना पर पड़ताल करवा रही है कि उसकी बात में कितनी सच्चाई है।