बरेली में छह से आठ अगस्त तक प्रस्तावित उर्स-ए-रजवी के मंच से उलमा नशाखोरी व महिला अपराधों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। मजहब-ए-इस्लाम के फर्ज, आला हजरत की विचारधारा, शांति, शिक्षा व मानवता जैसे विषयों पर भी मंथन होगा। सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट से बचने, दूसरों की भावनाओं को आहत न करने, गैरकानूनी सामग्री को अपलोड व फारवर्ड नहीं करने की भी ताकीद की जाएगी।


दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने मदरसा मंजर-ए-इस्लाम के उलमा व शिक्षकों के साथ बैठक कर उर्स का एजेंडा तय किया। इसमें कुरान और नबी-ए-करीम के मुताबिक जिंदगी गुजारने का तरीका, मजहब और मसलक की हिफाजत, खानकाहों में एकजुटता, बच्चों की शिक्षा और संस्कार पर जोर दिया जाएगा। मुस्लिम बेटियों के बहकते कदम पर भी विमर्श होगा।

दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि जुआ, ब्याज का कारोबार, आपसी लड़ाई-झगड़े, शादियों में फिजूलखर्ची आदि से बचने और निकाह को आसान बनाने की अपील की जाएगी। बैठक में सैयद आसिफ मियां, मुफ्ती आकिल रजवी, सलीम नूरी, सैयद कफील हाशमी आदि शामिल रहे।



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