बरेली में कोर्ट ने पांच साल पहले नव निर्वाचित प्रधान इशहाक की हत्या के पांच दोषियों को मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश विजेंद्र त्रिपाठी ने 3.90 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने दो आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया।
इस मामले में परगवां निवासी शीवा ने 20 मई 2021 को कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा कि उनके भाई इशहाक परगवां के प्रधान चुने गए थे। मोहर सिंह और रतन लाल चुनाव हारने के बाद इशहाक से रंजिश रखते थे। जांच में सामने आया कि इशहाक की मुखबिरी उसकी ममेरी बहन आशिया ने ही मोहर सिंह से की थी।
रास्ते में घेरकर की थी हत्या
20 मई की शाम इशहाक पत्नी सकीना को दवा दिलाकर बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे मोहर सिंह, उसका बेटा अनुराग पटेल, दामाद भगवत पटेल, रतन लाल, उसके बेटे राहुल आदि ने उसके भाई-भाभी को घेरकर फायरिंग कर दी। इशहाक की मौके पर ही मौत हो गई। गोली लगने से सकीना भी घायल हो गईं।
