सहकारिता राज्यमंत्री व बरेली जिले के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की उम्मीद जगाई है। शनिवार को सर्किट हाउस में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से रुहेलखंड और बुंदेलखंड में एम्स के निर्माण के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। जल्दी ही इस पर सकारात्मक फैसला होने की उम्मीद है।

एक साल पहले सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के साथ ही भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र देकर एम्स की मांग उठाई थी। राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख चुके हैं। नीति आयोग और केंद्र सरकार से भी इसके लिए पत्राचार किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया था कि चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को बेहतर करने के लिए रुहेलखंड में एम्स की स्थापना बेहद जरूरी है। 

गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगी राहत 

क्षेत्र में कोई उच्चस्तरीय चिकित्सा संस्थान न होने से जटिल रोगों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आर्थिक दिक्कतों की वजह से इलाज भी नहीं करा पाते। सड़क दुर्घटना, हृदयाघात व अन्य आपातकालीन स्थितियों में समय पर इलाज नहीं मिल पाने से जान का जोखिम रहता है। एम्स की स्थापना से ही इन समस्याओं का समाधान हो सकता है। 

रुहेलखंड संभाग में बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर आदि जिले आते हैं। बड़ी संख्या में लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अक्सर दिल्ली, लखनऊ या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।



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