आई लव मोहम्मद के मुद्दे पर बरेली में 26 सितंबर के दिन बवाल और लाठीचार्ज के बाद बने हालात पर खानदान आला हजरत के लोगों ने चिंता जताई है। पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा कि उनकी शासन-प्रशासन कोई नहीं सुन रहा है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह लोग कोई ठोस निर्णय लेंगे। यह बयान खानकाह आलिया रजविया, खानकाह ताजुश्शरिया और परिवार के सभी सदस्यों की ओर से संयुक्त रूप से जारी किया गया है।
आला हजरत दरगाह के प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां की ओर से नबीरे आला हजरत मौलाना तौसीफ रजा खां ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि बरेली सुन्नी मुसलमानों का मरकज है। यहां से आई लव मोहम्मद के मुद्दे पर ज्ञापन देने की बात कही गई थी। पुलिस-प्रशासन के लोग तौकीर मियां को जाने देते। वह कुछ लोगों के साथ ज्ञापन ही तो देना चाहते थे। जो लोग साथ जा रहे थे, वह लाठी-लंडा लेकर नहीं जा रहे थे।
साजिश के तहत किया गया पथराव
मौलाना तौसीफ ने कहा कि बरेली शरीफ में मुसलमान को मुसलमान होने की सामूहिक सजा दी जा रही है। बेगुनाह मुसलमानों पर तमंचे, पेट्रोल बम और तेजाब की बोतलों से हमले का झूठा इल्जाम पुलिस लगा रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा मार्केट के पास का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें एक बिल्डिंग की छत से कुछ लोग मुसलमानों और पुलिस पर पथराव करते नजर आ रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि मुसलमान और पुलिस पर पथराव एक साजिश के तहत किया गया।
