Low Marks Are Not Failure: Experts Urge Parents to Support Children After Results

डॉ. विशाल सिन्हा, डॉ. दिनेश राठौर, डॉ. सागर लवानियां
– फोटो : अमर उजाला

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 योग्यता का पैमाना सिर्फ अंक नहीं है। मनमाफिक प्रतिशत न पाने वाले भी सफलता का शिखर छूते रहे हैं। ऐसे में आपके सहपाठी या मित्र से कम अंक आए हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। इससे भविष्य की तैयारियां प्रभावित होने लगती हैं। जहां कमी रह गई उसे दूर कर सपने पूरे करने में लग जाएं।



परिणाम के बाद छात्र-छात्राओं के व्यवहार में बदलाव होने, भूख न लगने और उदास रहने पर मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के टेलीमानस टोल फ्री नंबर (14416) पर सहायता ली जा सकती है। यहां 24 घंटे विशेषज्ञ बैठते हैं जो किसी भी मानसिक परेशानी पर काउंसलिंग करते हैं।



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