नगर निगम कार्यकारिणी से उपसभापति आशीष तिवारी समेत छह सदस्यों का कार्यकाल इस माह खत्म हो जाएगा। कार्यकारिणी में दावेदारी मजबूर करने के लिए भाजपा पार्षदों के बीच खेमेबंदी भी शुरू हो गई है।
20 जून को दो साल पूरा करने पर कार्यकारिणी से उपसभापति आशीष तिवारी समेत भाजपा पार्षद दिनेश प्रताप सिंह, मुकेश सोनी, मोनिका गुप्ता, प्रवीण लखेरा एवं निर्दलीय महेश गौतम का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। कार्यकारिणी से बाहर होने वाले सबसे अधिक पांच पार्षद भाजपा के हैं। इस वजह से भाजपा पार्षदों के बीच सबसे अधिक होड़ मची है। नगर निगम सदन में भाजपा के 45 पार्षद हैं। इनमें 21 पार्षद अलग-अलग समय में कार्यकारिणी सदस्य चुने जा चुके जबकि 24 पार्षदों को अभी कार्यकारिणी में जाने का इंतजार है।
पार्षदों के इंतजार को देखते हुए पार्टी ने किसी भी सदस्य को दोबारा से कार्यकारिणी में न भेजने का नियम बनाया। इस वजह से अब सिर्फ 24 पार्षदों के बीच ही घमासान है। उधर, निगम सदन का कार्यकाल खत्म होने में भी अब महज एक माह का समय बचा, ऐसे में अधिकतम 10 पार्षद ही कार्यकारिणी में भेजे जा सकते हैं। इस वजह से भी भाजपा पार्षदों के बीच होड़ शुरू हो गई। महापौर बिहारी लाल आर्य का कहना है कि कार्यकारिणी के लिए सीट रिक्त होने पर समय पर चुनाव कराए जाएंगे।
