कोंच। नगर पालिका परिषद की बजट को लेकर शुक्रवार को बुलाई गई बोर्ड बैठक पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता के मौजूद नहीं होने के कारण स्थगित कर दी गई। बैठक के लिए ईओ मोनिका उमराव समेत कई सभासद सभागार में काफी देर तक पालिकाध्यक्ष के इंतजार में बैठे रहे।
ईओ मोनिका उमराव ने बताया कि बोर्ड बैठक में पालिकाध्यक्ष का मौजूद होना जरूरी है। उनके उपस्थित नहीं होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। जब उनसे छह माह से बोर्ड बैठक नहीं होने के संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पालिकाध्यक्ष ही बता पाएंगे।
वहीं पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता का बैठक को लेकर कहना है कि उन्हें बोर्ड बैठक बुलाए जाने की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने भाई के स्वास्थ्य के सिलसिले में बाहर हैं। उनकी जानकारी के बिना बैठक बुलाई गई थी, इसलिए वह बैठक में मौजूद नहीं हो सके।
पालिका बोर्ड की पिछली बैठक 7 फरवरी 2026 को हुई थी। इसके बाद से बोर्ड बैठक नहीं हो पाई है नियमानुसार मार्च या अप्रैल में बजट बैठक हो जानी चाहिए थी, लेकिन बैठक नहीं होने से बजट और विकास कार्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
बताया जाता है कि सात फरवरी की बोर्ड बैठक में ईओ की कार्यशैली को लेकर बोर्ड ने निंदा प्रस्ताव पारित किया था, जिसे बैठक की कार्यवाही में भी दर्ज किया गया था। बाद में उक्त बैठक को लेकर विवाद खड़ा हुआ और उसे शून्य घोषित कराने की प्रक्रिया चली। अपर जिलाधिकारी के आदेश के बाद पिछली बैठक को शून्य घोषित कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच करीब छह माह तक बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी।
मायूस लौटे पहली बार पालिका पहुंचे नामित सभासद
नगर पालिका में शासन से नामित सभासद सुनील शर्मा, कृष्णा झा, अरविंद निरंजन व नरेश वर्मा शुक्रवार को पहली बार बोर्ड बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे थे, लेकिन बैठक स्थगित होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। नामित सभासदों के स्वागत और परिचय के लिए पालिका सभागार में तैयारियां की गई थीं। कई सभासद भी नगर की समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े प्रस्ताव लेकर बैठक में पहुंचे थे। बैठक स्थगित होने से सभी को निराशा हुई।
