झांसी। रक्सा थाना क्षेत्र के बछौनी गांव में मुआवजे की रकम ने पुराने रिश्तों की परतें उधेड़ दीं। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) से जमीन के बदले मिले 32 लाख रुपये ने उस बेटी को घर वापस ला दिया, जो 13 साल पहले प्रेमी के साथ चली गई थी। अब वही बेटी अपने हिस्से की मांग कर रही है, जिससे परिवार में विवाद गहरा गया है।

बछौनी निवासी बिरजा पाल किसान हैं। उनकी ढाई एकड़ जमीन बीडा के लिए अधिग्रहित की गई थी, जिसके एवज में हाल ही में उनके खाते में 32 लाख रुपये आए। परिवार की कहानी भी कम उलझी नहीं है। करीब 30 साल पहले बिरजा पाल ने पड़ोसी शुगर सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी मुन्नी देवी से विवाह किया था। मुन्नी की पहली शादी से बेटी सुमन है, जबकि बिरजा से दो बेटियां हुईं।

परिवार के मुताबिक, करीब 13 साल पहले सुमन एक युवक के साथ घर छोड़कर चली गई थी। उस समय परिजनों ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने लौटने से साफ इन्कार कर दिया और सभी रिश्ते तोड़ लिए। समय बीतता गया और परिवार ने भी उसे अपनी जिंदगी से अलग मान लिया।

लेकिन कहानी ने मोड़ तब लिया, जब सुमन को पिता को मिले 32 लाख रुपये के मुआवजे की जानकारी मिली। इसके बाद वह अचानक दो दिन पहले घर लौट आई। अब सुमन का कहना है कि मुआवजे की राशि में उसका भी अधिकार है और उसे आधा हिस्सा दिया जाए।

इसी मांग को लेकर परिवार में तीखा विवाद शुरू हो गया। परिजन साफ कह रहे हैं कि जब उसने सालों पहले परिवार से नाता तोड़ लिया था, तो अब हिस्से का दावा कैसे कर सकती है। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ी कि मामला रक्सा थाने तक पहुंच गया। थानाध्यक्ष रूपेश कुमार ने बताया कि प्रकरण की जांच की जा रही है और दोनों पक्षों से बात कर समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।



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