जिला जेल के वरिष्ठ लिपिक की बीमारी के चलते लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 13 साल से जेल में तैनात थे। मूल रूप से वह बाराबंकी जिले के निवासी हैं। पत्नी व बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। बाराबंकी जिले के थाना व कस्बा बंकी निवासी प्रेम कुमार श्रीवास्तव (57) जिला जेल में 13 साल से वरिष्ठ लिपिक के पद पर तैनात थे। कुछ महीने से वह किडनी व लिवर की दिक्कत से जूझ रहे थे।
सोमवार सुबह उनकी अचानक हालत खराब हो गई। जेल की एंबुलेंस से दोपहर के समय उन्हें लोहिया अस्पताल लाया गया। यहां से डॉक्टर ने उन्हें रेफर कर दिया। परिजन और जेल कर्मी एंबुलेंस की व्यवस्था कर रहे थे कि उनकी सांसें थम गईं। इस पर परिजन में चीख पुकार मच गई। उनके दो बेटे अमन श्रीवास्तव और मयंक श्रीवास्तव हैं। पत्नी नीता श्रीवास्तव का अस्पताल में रो-रो कर बुरा हाल है। पुत्र अमन ने बताया कि पिता दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई सुरेश श्रीवास्तव हैं। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव घर लेकर चले गए।