
दीनदयाल अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज
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अब डेंगू का डंक डराने लगा है। मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 21 अक्तूबर को फिर पांच मरीज सामने आने के बाद डेंगू मजीजों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। वहीं बुखार के मरीजों की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है।
20 अक्तूबर की छुट्टी के बाद जब 21 अक्तूबर को अस्पताल खुले तो सरकारी अस्पतालों में बुखार के 800 मरीज पहुंचे। इनमें से 20 की डेंगू जांच कराई गई। 21 अक्त्तूबर को आलमबाग, नगला किला, बरला, आरएम हॉल एएमयू में डेंगू के मरीज मिले हैं। सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि जहां भी मरीज मिले हैं वहां कीटनाशकों का छिड़काव कराया गया है। फॉगिंग भी कराई गई है।
बताया जाता है इन सभी लोगों को काफी समय से बुखार आ रहा था। जब बुखार कम नहीं हुआ तो डेंगू की जांच कराई गई। जांच में पुष्टि हुई। चिकित्सकों का कहना है कि इस समय बुखार के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। सोमवार को मलखान सिंह जिला अस्पताल में 400 और पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय में भी 400 मरीज बुखार के पहुंचे थे। इन सभी का परीक्षण करने के बाद दवाएं दी गईं।
नहीं हो रही फॉगिंग
डेंगू और बुखार के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है लेकिन फॉगिंग फिर भी नहीं कराई जा रही है। जबकि विभाग मोहल्ले मोहल्ले फॉगिंग कराने की बात कर रहे हैं। पिछले दिनों जिला मलेरिया अधिकारी डा. राहुल कुलश्रेष्ठ ने भी कहा था कि जिस तरह से फॉगिंग होनी चाहिए वैसे हो नहीं रही है। जबकि ऐसे मोहल्ले और गांवों की सूची तक विभागों को सौंपी जा चुकी है जहां डेंगू का लार्वा पाया गया है और मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
