सब-लगभग 52 हजार मीटर प्रीपेड प्रणाली थे, लगभग 90 प्रतिशत कर दिए गए पोस्टपेड

क्रासर-अब हर महीने आएगा बिल, बैलेंस दिखना हुआ बंद

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। लंबे समय से विरोध और विवाद का कारण बने स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को लेकर आखिरकार बिजली विभाग को बड़ा फैसला लागू करना पड़ा है। उपभोक्ताओं के लगातार आक्रोश, शिकायतों और विरोध-प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदल दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार करीब 90 प्रतिशत स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड पर कर दिए गए हैं जबकि शेष मीटरों को भी जल्द परिवर्तित किया जाएगा।

ऊर्जा मंत्री एके सिंह के निर्देश के बाद लागू किए गए इस फैसले से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब मीटर में पहले की तरह बैलेंस कटने या निगेटिव बैलेंस दिखने की समस्या खत्म हो गई है। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड व्यवस्था में रोजाना बैलेंस कटने और अचानक बिजली बंद होने से लोग परेशान थे। कई उपभोक्ताओं को यह तक समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनके पैसे इतनी तेजी से कैसे कट रहे हैं।

जिले में कुल करीब 57 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिनमें से लगभग 52 हजार मीटर प्रीपेड प्रणाली पर संचालित थे। यही मीटर सबसे ज्यादा विवाद और शिकायतों की वजह बने हुए थे। उपभोक्ताओं का आरोप था कि बिना बिजली खपत के भी बैलेंस कम हो रहा है और बार-बार रिचार्ज कराने के बावजूद राहत नहीं मिल रही। इसे लेकर कई बार प्रदर्शन और शिकायतें भी हुई थीं।

अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को हर महीने की तरह बिजली बिल मिलेगा। विभाग के अनुसार प्रत्येक माह की दो तारीख को बिल जारी कर दिए जाएंगे और उपभोक्ताओं को 10 तारीख तक भुगतान करना होगा। तय समय सीमा तक बिल जमा न होने पर कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जाएगी।

स्मार्ट मीटरों में अधिक रीडिंग आने की शिकायतों पर भी विभाग ने सफाई दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिले में करीब 1500 पुराने और स्मार्ट मीटरों की समानांतर जांच कराई गई थी, जिसमें किसी प्रकार का रीडिंग अंतर सामने नहीं आया। अधिकारियों का दावा है कि स्मार्ट मीटर सही रीडिंग दे रहे हैं।

हालांकि विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसका बिल अधिक आ रहा है तो वह चेक मीटर लगवाकर जांच करा सकता है। जांच में रीडिंग में अंतर मिलने पर संबंधित मीटर बदला जाएगा और बिल में भी संशोधन किया जाएगा।

कहीं सड़कें जाम तो कहीं उखाड़ दिए गए थे मीटर

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू होने के बाद से लगातार इसका विरोध हो रहा था। बार-बार कनेक्शन कटने से परेशान लोगों ने कहीं सड़कें जाम कर इसका विरोध किया तो कुठौंद में तो कई उपभोक्ताओं ने मीटर ही उखाड़ दिए थे। हालांकि बाद में ये मीटर लगवा दिए गए, पर बिजली निगम को इस व्यवस्था को कड़ा विरोध झेलना पड़ा था। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर प्रीपेड मीटर वापस लेने की मांग की थी।

वर्जन

लगभग सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदल दिया गया है। अब पहले ही तरह हर महीने बिल आएगा। तय किया गया है कि दो तारीख को बिल दे दिया जाएगा और 10 तारीख तक इसे जमा करना होगा, वरना बकाया पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।-ऋषभ राजपूत, एसडीओ टाउन

मुख्यमंत्री से मिले थे सदर विधायक

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बढ़ते लोगों के आक्रोश को देखते हुए सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले थे। उन्होंने प्रीपेड मीटर वापस लेने की मांग करने के साथ ही मुख्यमंत्री को लोगों की भावना से अवगत कराया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही इस समस्या का निस्तारण कराया जाएगा। सदर विधायक ने कहा कि मीटरों को पोस्टपेड करने का मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री का निर्णय सराहनीय है। लोगों को अब एडवांस में भुगतान नहीं करना होगा।



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