इटावा। जिले की करीब 200 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए चिह्नित किया गया है, लेकिन इसके लिए मांगे गए दो करोड़ रुपये का बजट मांगा गया था, लेकिन अब तक केवल 50 फीसदी ही बजट मिला है। दीपावाली से पहले सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के शासन के निर्देश के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में कई मार्ग बदहाल हैं। कहीं सड़क का नामोनिशान नहीं है तो कहीं मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति हुई है।

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भटपुरा मार्ग पर अधूरा काम, अभी भी कई गड्ढे

उदी। उदी-चकरनगर मार्ग से करीब दो किमी आगे बाईं ओर मुड़ने पर भटपुरा मार्ग की बदहाली साफ नजर आती है। शुरुआत में ही सड़क की मरम्मत नहीं दिखती। कुछ दूर आगे कहीं-कहीं काम हुआ है, लेकिन कई स्थानों पर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति नजर आती है। माता सती मंदिर जाने वाले मार्ग पर कई जगह सड़क की जगह जमीन दिखाई दे रही है। कहीं सड़क के कुछ हिस्से बने हैं तो कहीं सड़क का नामोनिशान तक नहीं है। यह मार्ग दवाह, हवेली, भटपुरा और बगहियापुरा गांवों को जोड़ता है। करीब 900 की आबादी के लिए यह आवागमन का प्रमुख रास्ता है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। (संवाद)

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पांच साल से मरम्मत का इंतजार, गड्ढों में तब्दील संपर्क मार्ग

भरथना। कस्बा क्षेत्र के भरथना-ऊसराहार मुख्य मार्ग से भोली गांव के पास बंबा किनारे बना संपर्क मार्ग जर्जर हो चुका है। करीब तीन किमी लंबे इस मार्ग पर छोटे-बड़े गड्ढे हो गए हैं। कई जगह डामर उखड़ने से गिट्टी सड़क पर फैल गई है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को निकलने में परेशानी होती है और हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब पांच वर्ष पहले मंडी परिषद ने इस मार्ग का निर्माण कराया था। इसके बाद से मरम्मत न होने के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती गई। इस रास्ते से नगला अमर, नगला धनी, नगला बाग, नगला खोजी और टियांपुरा समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग आते-जाते हैं। नगला धनी निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि करीब पांच वर्ष पहले मंडी परिषद ने सड़क बनवाई थी। अब हालत यह है कि धान लदा ट्रैक्टर लेकर निकलने में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। (संवाद)

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गड्ढों के बीच निकलते हैं राहगीर

जसवंतनगर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग और लखनऊ एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक मार्ग भी बदहाली से जूझ रहा है। तिजोरा गांव के चौराहे से बीबामऊ होते हुए नगला रामजीत के रास्ते मैनपुरी जिले के मीठेपुर तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। सड़क पर गिट्टी बिखरी होने से राहगीरों को परेशानी होती है। हालत यह है कि वाहन चालकों को गड्ढों के बीच से रास्ता तलाशकर निकलना पड़ता है। ग्रामीण दलवीर सिंह, प्रेमपाल, सुरेश, रामोतार और रमेश का आरोप है कि गड्ढामुक्त सड़क बनाने के दावों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का इस मार्ग की ओर ध्यान नहीं गया। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के जेई अभिषेक कुमार ने बताया कि राजमार्ग से बीबामऊ गांव तक करीब दो किमी सड़क के नए निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।(संवाद)

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दो सौ सड़कों की मरम्मत करने के लिए चिह्नीकरण किया गया था। इसके लिए शासन से दो करोड़ का बजट मांगा था। अभी आधा ही बजट मिलने की वजह से शहर की तो अधिकांश सड़कें करा दी हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों की सड़कें नहीं हो सकी हैं। जल्द ही ग्रामीण इलाकों की सड़कों की भी मरम्मत कराई जाएगी।

राकेश भूषण, नोडल गड्ढा मुक्त अभियान, पीडब्ल्यूडी

फोटो 21 भटपुरा मार्ग पर गड्ढे। संवाद

फोटो 21 भटपुरा मार्ग पर गड्ढे। संवाद

फोटो 21 भटपुरा मार्ग पर गड्ढे। संवाद

फोटो 21 भटपुरा मार्ग पर गड्ढे। संवाद



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