इटावा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पत्नी व ससुरालियों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा एसएसपी को डाक से लिखित शिकायत डाक से नहीं भेजी गई। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुपालन में कमी पाए जाने पर याचिका को सुनवाई के लायक नहीं माना।


फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी मदन कुमार ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि दो जुलाई को उसने पत्नी आरती से अपने माता-पिता के लिए खाना बनाने को कहा था। इस पर पत्नी ने इनकार कर अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया। आरोप है कि तीन जुलाई को पत्नी का भाई, मामा, पिता और मां जबरन उसके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। पत्नी ने वाइपर और साले ने डंडे से हमला कर उसे घायल कर दिया। साथ ही जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया। पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर उसने एसएसपी को ऑनलाइन शिकायती पत्र भेजा, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने पत्रावली और पुलिस आख्या का अवलोकन किया। कोर्ट ने कहा कि थाने से कार्रवाई न होने पर एसएसपी को घटना की लिखित सूचना रजिस्ट्री व डाक के माध्यम से भेजना आवश्यक है। आवेदक ने इस अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया। कोर्ट ने प्रियंका श्रीवास्तव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित विधि व्यवस्था का हवाला देते हुए याचिका निरस्त कर पत्रावली दाखिल दफ्तर करने का आदेश दिया।(संवाद)



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें