इटावा। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग साइट पर पहले थोड़ी रकम जिताकर भरोसा कायम करना और इसके बाद ज्यादा रुपये लगवाकर आईडी ब्लॉक कर देना। रातों-रात पैसा दोगुना-तिगुना करने के लालच में फंसाने वाले गिरोह के एक युवक, युवती और 16 वर्षीय किशोर को एसओजी व सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 15 लाख रुपये, चार मोबाइल, डेल लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेकबुक, दस्तावेज और कार बरामद हुई है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से गेमिंग आईडी, पासवर्ड, क्यूआर कोड, ग्राहकों की सूची और करोड़ों रुपये के डिजिटल लेनदेन का डाटा मिला है।

रविवार सुबह सिविल लाइन क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग चल रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गेमिंग के जरिये ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य काले रंग की कार से इटावा हाईवे होते हुए कानपुर की ओर जा रहे हैं। ख्वाजा तिराहे के पास घेराबंदी कर कार को रोक लिया गया। तलाशी में 15 लाख रुपये समेत अन्य सामान मिला।

गिरफ्तार आरोपी झांसी के थाना प्रेम नगर के राजीव नगर निवासी प्रांजल राय, ग्वालियर के अशोक रेजीडेंसी हाल पता झांसी ईसाई टोला कमल सिंह कॉलोनी निवासी कृतिका श्रीवास्तव और शिवपुरी के थाना मायापुर क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय किशोर से पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया। सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को गेमिंग साइट से जोड़ा जाता था। इसके बाद वॉट्सएप ग्रुप के जरिये गेम की आईडी और पासवर्ड भेजे जाते थे।

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया शुरुआत में कुछ रुपये लगवाकर उन्हें जिताया जाता, जिससे भरोसा बढ़ जाता। इसके बाद बड़ी रकम लगवाई जाती और रुपये निकालने की मांग करने पर आईडी ब्लॉक कर दी जाती थी। म्यूल खातों से रुपये निकाल लिए जाते थे। ये गिरोह कई सालों से करोड़ों की साइबर ठगी कर चुका है।

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निजी स्कूल में पढ़ाती थी कृतिका

पूछताछ में कृतिका ने बताया कि वह पहले निजी स्कूल में पढ़ाती थी। जब उसे लगा कि प्रधानाचार्य उसे हटाने वाला है तब जुलाई में प्रांजल के जरिये इस नेटवर्क से जुड़ी। स्कूल में पढ़ाने से पहले भी प्रांजल ने उसे जुड़ने के लिए कहा था। उसे वॉट्सएप पर मोबाइल नंबरों की सूची मिलती थी। वह उन नंबरों पर कॉल कर लोगों को ऑनलाइन गेम खेलने और रकम लगाने के लिए तैयार करती थी। बातचीत के दौरान वह सोनिया और किट्टू जैसे नामों का इस्तेमाल करती थी। इसके बदले उसे जुलाई-अगस्त में 20 हजार रुपये और सितंबर में 25 हजार रुपये महीने मिलने लगे थे।

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टेक्नीशियन से बना नेटवर्क का सरगना, दसवीं पास भी नहीं

एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना सुमित साहू नोएडा से नेटवर्क चला रहा है। वह दसवीं कक्षा भी पास नहीं है और पहले नोएडा में टेक्नीशियन का काम करता था। गिरफ्तार किशोर उसका मौसेरा भाई है। पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह सुमित से मिले नंबर कृतिका को भेजता था। सुमित की पत्नी गर्भवती है और नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती है। गिरोह के सदस्य विदेश के सिम भी इस्तेमाल करते थे और वॉट्सएप पर आपस में संपर्क रखते थे। पकड़े जाने का अंदेशा होने पर चैट डिलीट कर देते थे। एसएसपी ने बताया कि सुमित साहू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। पुलिस टीम को एसएसपी ने 20 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।

फोटो 28 आरोपी प्रांजल व कृतिका श्रीवास्तव। संवाद

फोटो 28 आरोपी प्रांजल व कृतिका श्रीवास्तव। संवाद



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