ताखा (इटावा)। पांच साल से खेत की रखवाली के लिए गांव से बाहर झोपड़ी बनाकर रह रहे बुजुर्ग का शव शनिवार सुबह झोपड़ी में खून से लथपथ पड़ा मिला। खेतों में काम करने निकले ग्रामीणों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के गपचिया गांव निवासी जयपाल सिंह (70) खेतों की रखवाली के लिए वैवाह-चौपला मार्ग पर गांव से करीब एक किलोमीटर दूर झोपड़ी में लगभग पांच साल से रह रहे थे। शनिवार सुबह ग्रामीण सड़क से गुजरे तो उन्हें वृद्ध मृत अवस्था में पड़ा दिखा। सिर में चोट थी और खून बह रहा था।
सूचना पर सीओ भरथना विवेक जावला व फोरेंसिक टीम पहुंची और झोपड़ी में रखे सामान की जांच कर साक्ष्य इकट्ठा किए। इस दौरान शराब के दो खाली क्वार्टर, एक गांजा की भरी हुई चिलम व झोपड़ी के खंभे पर खून लगा मिला। सभी सामान को फोरेंसिक टीम साथ ले गई। झोपड़ी व उसके बाहर कई जगह खून की उलटी मिली है। बुजुर्ग के बेटे सतीश ने बताया कि जिस स्थिति में शव मिला है। उससे हत्या की आशंका है।
थानाध्यक्ष ऊसराहार विवेक कुमार सिंह ने बताया कि जिस हालत में शव मिला है। उससे साफ है कि शराब के अत्यधिक सेवन से हालत बिगड़ी और लकड़ी से टकराकर मौत होना प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बड़े बेटे सतीश के साथ रह रहे थे जयपाल
मृतक जयपाल सिंह पिछले पांच साल से आवारा गोवंशों की वजह से खेतों पर झोपड़ी रख कर रहा था। वहीं उनके बेटे सतीश जो वाहन चालक, प्रदीप कुमार राजमिस्त्री व रामू उर्फ रावेंद्र जो दिल्ली में नौकरी कर रहा है। मृतक अपने बडे़ बेटे सतीश के साथ रहे थे। रात को खेतों की रखवाली के लिए खेतों पर आ जाया करते थे। कभी कभार घर नहीं पहुंचने पर अपना खाना झोपड़ी में ही बना लेते थे।
