हाथरस गेट क्षेत्र के गांव सोखना में श्वास नली में दूध अटकने से नौ माह के मासूम की मृत्यु हो गई। 12 जून की सुबह बच्चे के न उठने पर परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गांव सोखना के रहने वाले मनोज ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात उनका नौ माह का बेटा दीपांशु पूरी तरह ठीक था। वह आराम से सोया था। शुक्रवार सुबह मां ने बच्चे को दूध पिलाया और फिर से सुलाया दिया। इसके बाद सुबह नौ बजे के करीब उसे उठाया, लेकिन वह नहीं उठा। परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल लेकर भागे। यहां काफी प्रयास कि बाद भी बच्चे में हरकत नहीं हुई। जांचने के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया गया।
दूध पिलाते समय इन बातों का रखें ध्यान
सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि संभावना है कि दूध श्वांस नली में अटक गया हो, जिससे उसका दम घुट गया हो। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों में दूध या अन्य तरल पदार्थ श्वास नली में चला जाना एस्पिरेशन कहलाता है। यह स्थिति बेहद खतरनाक होती है और समय पर उपचार न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है। इसलिए कभी भी लिटा कर दूध न पिलाएं। गोदी में भी सिर ऊपर की तरफ रखें तथा दूध पिलाने के बाद 20 मिनट तक सीने से लगाकर थपकी दें, जिससे पलटने के दौरान दूध न अटके।
