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फोटो 27::::एक प्रतिष्ठान पर नूमना लेती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत-विभाग

इटावा। दिवाली पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरा भी बढ़ गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के चार साल के आंकड़े इसकी तस्वीर बयां कर रहे हैं। इस दौरान जिले में खाद्य पदार्थों के 1070 नमूने लेकर जांच कराई गई। इनमें 475 नमूने फेल मिले, जबकि 57 नमूने अनसेफ मिले। मिलावट के मामलों में 10 लोगों को जेल हुई और 65 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।


विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में 247 नमूनों की जांच में 144 फेल मिले। वर्ष 2024-25 में 291 में से 150 और वर्ष 2025-26 में 447 में से 133 नमूने फेल पाए गए। चालू वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल से 30 सितंबर तक 85 नमूनों में 47 फेल मिले। इनमें पानी का नमूना भी अनसेफ पाया गया।

चार साल में फेल मिले 475 नमूनों में 394 स्टैंडर्ड श्रेणी के थे, जबकि 23 नमूनों में नियमों का उल्लंघन मिला। अनसेफ नमूनों की संख्या वर्ष 2023-24 में तीन, 2024-25 में 27, 2025-26 में 16 और चालू वर्ष के छह महीनों में 11 रही।

मिलावट पर 65 लाख जुर्माना, 10 को जेल

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि मिलावट के मामलों में 10 लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई गई। वर्ष 2023-24 में एडीएम कोर्ट में 102 मुकदमे दर्ज हुए, जिनमें 87 का निस्तारण कर 17 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया। वर्ष 2024-25 में 156 मुकदमों में 70 का फैसला हुआ और 11.65 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। वर्ष 2025-26 में 135 मुकदमे दायर हुए, जिनमें 73 का निस्तारण कर 18.75 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।



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