इटावा। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से एक बाल अपचारी शनिवार सुबह फरार हो गया। वह शौचालय की खिड़की का शीशा तोड़कर भागा। इस घटना से अस्पताल प्रशासन और पुलिस महकमे में खलबली मच गई। सीसीटीवी फुटेज में निगरानी के लिए तैनात कर्मचारी बेड पर बैठे नजर आए। मामले में राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर के अधीक्षक की तहरीर पर ड्यूटी पर तैनात दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस फरार किशोर की तलाश में जुटी है।

बाल सुधार गृह के अधीक्षक श्याम प्रकाश दीक्षित ने बताया कि 16 वर्षीय किशोर को 10 अगस्त को कानपुर के बर्रा थाने में दर्ज चोरी के मामले में बाल सुधार गृह में दाखिल किया गया था। 14 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत पर उसे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। उसकी सुरक्षा के लिए संस्था के कर्मचारी कमलाकांत त्रिवेदी और अवनीश कुमार तैनात थे। 14 अगस्त की रात 9:30 से 15 की सुबह तक किशोर की निगरानी के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उमाशंकर त्रिवेदी और अमन कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी।

शनिवार सुबह करीब 6:56 बजे किशोर शौचालय जाने के लिए निकला। सीसीटीवी फुटेज में वह शौचालय की तरफ जाता दिखाई दिया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात दोनों कर्मचारी बेड पर बैठे हुए थे। किशोर के काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर एक मरीज ने कर्मचारियों को जानकारी दी। अस्पताल स्टाफ और सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। शौचालय का दरवाजा खोलने पर किशोर वहां नहीं मिला। जांच में पता चला कि उसने करीब एक फीट चौड़ी खिड़की का शीशा तोड़ दिया था। वह कमोड पर चढ़कर खिड़की तक पहुंचा और उसी रास्ते से फरार हो गया। किशोर दो दिन पहले भी अस्पताल में भर्ती हुआ था और उसने भागने का रास्ता देख लिया था। अधीक्षक की तहरीर पर उमाशंकर त्रिवेदी और अमन कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस अब दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी और उनकी लापरवाही की जांच कर रही है।

सात महीने में दो घटनाओं से व्यवस्था पर सवाल

बाल सुधार गृह से किशोरों के फरार होने और मारपीट की घटनाओं ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पिछले सात महीनों में ऐसी दो घटनाएं चर्चा में रही हैं। 23 जनवरी को कचौरा रोड स्थित जसोहन गांव के बाल सुधार गृह से दो किशोर खिड़की का एंगल तोड़कर दीवार फांदकर फरार हुए थे। उनमें से एक किशोर को रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर लिया गया था, लेकिन दूसरा करीब सात महीने बाद भी फरार है। वहीं, 29 जुलाई को इसी बाल सुधार गृह में दुष्कर्म के आरोप में निरुद्ध एक किशोर के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।

वर्जन

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि किशोर के फरार होने के मामले में ड्यूटी पर तैनात दोनों कर्मचारियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। किशोर की तलाश के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्रों के अलावा उसके संभावित ठिकानों पर भी दबिश दे रही है। किशोर के मिलने के बाद उसे दोबारा बाल सुधार गृह में दाखिल कराने की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने मारपीट करने वाले किशोरों पर विशेष निगरानी रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए थे। यह घटना बाल सुधार गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।



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