इटावा/भरथना। चंदेठी गांव में मां-बेटी की हत्या के बाद पिता सुरेश चंद्र ने बेटी के ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुरेश चंद्र नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि बेटी निर्मला उर्फ मंजू की शादी वर्ष 2021 में मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र निवासी सतेंद्र कुमार उर्फ करिया से हुई थी। शादी के बाद से ही दामाद और उसके ससुराल पक्ष के लोग बेटी को परेशान करते थे। वह अक्सर सोने के जेवर की मांग करता था। विरोध करने पर बेटी के साथ मारपीट की जाती थी।
सतेंद्र अलीगढ़ में पंचायत राज विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है और वहीं रहता था। बेटी और दामाद की कोई संतान नहीं थी। शादी के कुछ समय बाद ही बेटी ने ससुराल में उत्पीड़न की जानकारी दी थी। एक बार विवाद के दौरान सतेंद्र ने बेटी की आंख में सूजा मार दिया था, जिससे उसे चोट लगी थी। मामले में परिवार की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। बाद में ससुराल पक्ष के लोगों के माफी मांगने पर दोनों पक्षों में समझौता हो गया और निर्मला दोबारा पति के साथ रहने चली गई। पिता का आरोप है कि कुछ समय बाद बेटी को फिर प्रताड़ित किया जाने लगा। उन्होंने बताया कि सतेंद्र के साथ परिवार की ननदें सीमा और प्रियांशी भी निर्मला को परेशान करती थीं। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर परिवार ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पति के अलावा सास, जेठ-जेठानी, दोनों ननदों और उनके पति को भी नामजद किया गया था। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को उनकी बेटी से आखिरी बार बात हुई थी। निर्मला ने फोन पर बताया था कि उसके भाई ने उसके खाते में ढाई हजार रुपये भेजे हैं। इसके बाद उनसे बेटी की बात नहीं हो सकी। 15 अगस्त की रात मां-बेटी की हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह दोनों के शव घर में मिलने की जानकारी के बाद परिवार में कोहराम मच गया। भाई नंद किशोर ने बहन और मां की हत्या करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है।
चंदेठी गांव में मां-बेटी की निर्मम हत्या के बाद मंगलवार की शाम करीब 5 बजे पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव स्थित आवास पर पहुंचते ही कोहराम मच गया। शव देखते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। गमगीन माहौल में ग्रामीणों की भीड़ भी घर के बाहर जुट गई। मंगलवार सुबह से ही परिजन दोनों शवों के आने का इंतजार कर रहे थे। शाम को जैसे ही पुष्पा देवी (55) और उनकी विवाहित बेटी निर्मला उर्फ मंजू देवी (38) के शव घर पहुंचे, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां-बेटी के शवों को देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने परिजनों को संभालने का प्रयास किया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर पुलिस की निगरानी में गांव से थोड़ी दूरी पर स्थित बंबा किनारे निजी खेत की भूमि में पुष्पा देवी को उनके पति सुरेश चंद्र ने और निर्मला उर्फ मंजू देवी को उनके भाई नंदकिशोर नंदू ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि दूसरे मुख्य आरोपी सतेंद्र की तलाश में थाना पुलिस की दो टीमें, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच समेत चार टीमें लगी हुई है।
मां-बेटी की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत धारदार हथियार से चोट लगने के कारण होने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्पा देवी के गले पर गंभीर चोट की पुष्टि हुई है। वहीं निर्मला के सिर, चेहरे और कंधे समेत पांच स्थानों पर चोटें मिली हैं। पुलिस इन चोटों को हत्या की घटना से जोड़कर जांच कर रही है।
