इटावा। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण की व्यवस्था में बदलाव किया है। इससे आवेदकों को बड़ी सहूलियत मिली है। मोटर यान अधिनियम से जुड़े नए प्रावधान 15 अगस्त से लागू किए जाएंगे। अब आवेदक निर्धारित तिथि से साल भर के अंदर लाइसेंस का नवीनीकरण करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इस बदलाव का उद्देश्य वाहन चालकों के लिए नियमों को अधिक सरल बनाना है। साथ ही छोटे नियमों को तोड़ने पर कार्रवाई कम करना है।
नए नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सबसे बड़ा बदलाव है। लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी 30 दिन तक उसे प्रभावी माना जाएगा। लाइसेंस का नवीनीकरण समाप्ति से एक साल पहले तक कराया जा सकेगा। हालांकि इसकी प्रभावी तारीख लाइसेंस की समाप्ति तिथि से लागू मानी जाएगी।
पूर्व के नियमों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की समयावधि पूरी होने पर नवीनीकरण के लिए एक माह का समय मिलता था। इस एक माह की अवधि में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी दफ्तर में लाइसेंसधारकों की काफी भीड़ जुटती थी। इससे कार्यालय का काम बाधित होता था और अक्सर अफरातफरी का माहौल रहता था। इससे पहले जिन लाइसेंसधारकों का नवीनीकरण एक माह में नहीं हो पाता था, उनके लाइसेंस निरस्त हो जाते थे। परिवहन विभाग ने धारकों की इस समस्या को दूर किया है। नए नियम के तहत अब नवीनीकरण की समय सीमा एक माह से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है। यह बदलाव वाहन चालकों के लिए नियमों को अधिक सरल बनाएगा। इससे लाइसेंस निरस्त होने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।
मोटर अधिनियम के तहत इन नियमों में होगा बदलाव
-ड्राइविंग लाइसेंस समाप्त होने के 30 दिनों तक प्रभावी माना जाएगा।
-वाहन चेकिंग में पकड़े जाने पर जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।
-आवेदन ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण के लिए एक साल पहले आवेदन कर सकेगा।
-वाहन पंजीयन व स्वामित्व हस्तानांतरण की प्रक्रिया 14 दिन की अवधि बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है।
-प्रेशर हार्न व साइलेंस का प्रयोग करने पर पहली बार छोड़ा जाएगा, दोबारा पकड़े जाने पर एक से दो हजार का जुर्माना लगेगा।
वर्जन
मोटरयान अधिनियम में 15 अगस्त से बदलाव किए गए हैं। इसमें लाइसेंसधारकों को कार्रवाई में छूट दी गई है। ड्राइविंग लाइसेंस समाप्त होने के 30 दिनों के अंदर प्रभावी माना जाएगा। वाहन पंजीयन व स्वामित्व हस्तानांतरण की प्रक्रिया 14 की अवधि बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। दुर्घटना होने वाले वाहनों पर कोर्ट से जुर्माना राशि तय की जाएगी।
-प्रदीप कुमार, एआरटीओ।
