इटावा। फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर एक युवक ने ट्रेन के आगे लेटकर जान दे दी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई और शव दो हिस्सों में बंट गया। युवक के भाई ने पत्नी व ससुरालियों पर दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सुंदरपुर मोड़ बॉम्बे कॉलोनी निवासी मंजीत जाटव उर्फ मोनू (33) अंबाला की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। मंगलवार को वह दिल्ली से नेताजी एक्सप्रेस से इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचा था। स्टेशन से घर जाने के बजाय वह गांधी नगर के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। इसी दौरान कानपुर की ओर जा रही कामाख्या एक्सप्रेस की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। आरपीएफ, जीआरपी और फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जेब से मिले पहचान पत्र और मोबाइल के आधार पर परिजनों को सूचना दी। बड़े भाई शिक्षक दिलीप कुमार और ममेरे भाई अजीत सिंह ने शव की पहचान की। दिलीप कुमार ने भाई की मौत के लिए पत्नी ज्योति और ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
मोनू की शादी इसी वर्ष अप्रैल में भरथना के कटहरा निवासी ज्योति के साथ हुई थी। शादी के कुछ महीने बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब एक माह पहले विवाद के बाद ज्योति मायके चली गई थी। आरोप है कि ज्योति किसी अन्य युवक से फोन पर बात करती थी, जिसको लेकर विवाद हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद से मोनू मानसिक रूप से परेशान था।
उसके ससुराल वाले अंबाला पहुंचे थे और उसे दहेज एक्ट में फंसाने की धमकी दी थी। इसके बाद मोनू और अधिक तनाव में आ गया था। इसी विवाद को लेकर एक पंचायत भी होनी थी, जिसमें शामिल होने वह इटावा लौट रहा था। थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
