इटावा। सफर की बात हो तो लोग अन्य साधनों की जगह ट्रेन से जाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसकी मुख्य तीन वजहें हैं। सस्ता किराया, सुरक्षित यात्रा और समय से गंतव्य तक पहुंचाना। शनिवार को यह सभी सुविधाएं ढेर हो गईं। दिल्ली में सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध-प्रदर्शन के चलते यात्रियों को जद्दोजहद के साथ ही किराये के मद में मोटी रकम देने पड़ी। ट्रेन से जहां 110 रुपये में दिल्ली पहुंच जाते थे, वहीं बस से 590 रुपये खर्च करने पड़े।
उत्तर-मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल ने विरोध-प्रदर्शन के चलते हावड़ा-दिल्ली रूट की आठ ट्रेनें निरस्त रहीं। इसमें प्रमुख रूप से शताब्दी, गोमती, मगध, प्रयागराज-दादारी स्पेशल आदि ट्रेन शामिल रहीं। ऐसे में इन ट्रेनों से यात्रा करने वालों को महंगी यात्रा करनी पड़ी। टूंडला, गाजियाबाद, दिल्ली, कानपुर और लखनऊ जाने वाले यात्री परेशान रहे। वहीं, आरक्षित टिकट पर यात्रा करने वालों ने ट्रेनों के निरस्त होने पर 486 टिकट कैंसिल करवा दिए। परिवहन निगम ने यात्रियों की मुसीबत कम करने के लिए नियमित रूप से चल रहीं 15 रोडवेज बसों के अलावा 10 अतिरिक्त बसें भी चलाईं लेकिन ये नाकाफी रहीं।
सामान्य दिनों में यात्री एक्सप्रेस ट्रेन से 110 रुपये किराया देकर दिल्ली पहुंच जाते थे। वहीं, दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों के निरस्त होने की वजह से 590 रुपये खर्च कर बस से दिल्ली पहुंचे। इसमें समय भी ज्यादा लगा। शनिवार को दिल्ली रूट की आठ ट्रेनें कानपुर-दिल्ली शताब्दी, लखनऊ-दिल्ली गोमती एक्सप्रेस, मगध, प्रयागराज-दादारी स्पेशल, प्रयागराज-शकूरबस्ती, प्रयागराज-दिल्ली स्पेशल ट्रेन, दिल्ली-कानपुर स्पेशल ट्रेन, शकूरबस्ती-प्रयागराज स्पेशल समेत ट्रेनें निरस्त रहीं। इसकी वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आगरा जाने वाली ट्रेनों में रही मारामारी
ट्रेनें रद्द होने के कारण कानपुर व दिल्ली जाने वाली अन्य ट्रेनों में दबाव बढ़ गया। आगरा-मेमू की आने वाली ट्रेन में यात्री पहले चढ़ने के लिए टूट पड़े। धक्का-मुक्की करते हुए अंदर तक पहुंच सके। भीड़ होने से बोगी भी पहले से खचाखच भरी थी। इसकी वजह से यात्रियों को गैलरी, वॉशरूम व पायदान पर लटक कर कर यात्रा करनी पड़ी।
रोज करीब पांच हजार लोग करते हैं यात्रा
इटावा से हर रोज शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूडंला, गाजियाबाद व दिल्ली समेत अन्य जगहों के लिए करीब पांच हजार यात्री आते-जाते हैं। दिल्ली से लखनऊ व कानपुर-लखनऊ, प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली ट्रेनें निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में लोग बसों और निजी संसाधनों से अधिक किराया देकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
ट्रेन और बस के किराये में अंतर
स्थान साधारण ट्रेन बस का किराया
इटावा-लखनऊ 85 रुपये 386 रुपये
इटावा-दिल्ली 110 रुपये 590 रुपये
यात्रियों ने बताई परेशानी
फोटो 08: बबलू
मजबूरी में करनी पड़ रही यात्रा
बबलू ने बताया कि ट्रेन से दिल्ली जाना था। इससे कम रुपये में चले जाते थे। ट्रेन निरस्त होने से अब बस से जाना पड़ रहा है। बस का किराया ट्रेन की अपेक्षा कई गुना अधिक है। मजबूरी में यात्रा करनी पड़ रही है।
फोटो 9: रमेश
बस से करना पड़ रहा सफर
रमेश ने बताया कि सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के चलते से कई ट्रेनें निरस्त कर दी गई है। इससे परेशानी बढ़ गई है। बस से जाना मजबूरी है। अगर निजी कार करते हैं तो हजारों रुपये खर्च होंगे। इससे अच्छी बस ही है।
फोटो 12: जोगेंद्र सिंह
दूसरी ट्रेन में बुक नहीं हो सकी सीट
जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें गोमती से दिल्ली जाना था। प्लेटफार्म पर आने पर ट्रेन कैंसिल होने की जानकारी हुई। दूसरी ट्रेन में लंबी वेटिंग के चलते सीट बुक नहीं हो सकी। इससे उन्हें मायूस होकर घर लौटना पड़ा।
